लितर सरकारी प्राइमरी स्कूल बना सूबे का पहला पैन मेकिंग सेंटर
विशेष जरूरतों वाले बच्चों खुद तैयार करते हैं पैन, मोमबत्तियां और सामान
अमर उजाला ब्यूरो
गुरदासपुर।
जिले में विशेष जरूरतों वाले बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित और विशेष अवसर उपलब्ध करवाए जा रहे हैं। स्पेशल रिसोर्स सेंटर सरकारी प्राइमरी स्कूल लितर बटाला और अलग-अलग प्राइमरी स्कूलों में विशेष जरूरतों वाले बच्चों को विशेष अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। यह बच्चे शिक्षा, खेल, हाथों से तैयार करने वाली वस्तुएं और सांस्कृतिक गतिविधियों में बड़ी उपलब्धियां प्राप्त कर रहे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी (प) सलविंदर सिंह समरा ने बताया कि जिले में कुल 3900 विशेष जरूरतों वाले बच्चों को आगे बढ़ने के अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। इन बच्चों की हर सुविधाओं पर विशेष ध्यान रखा जाता है।
उन्होंने बताया कि जिलाधीश ऐसे बच्चों को विशेष अवसर उपलब्ध करवा रहे हैं। डीसी के निर्देश पर बुधवार को स्थानीय स्पेशल रिसोर्स सेंटर प्राथमिक स्कूल लितर में 40 विशेष जरूरतों वाले बच्चे पढ़ते हैं। उन्होंने बताया कि पंजाब में पहला ऐसा सेंटर है, जहां पर बच्चों की ओर से खुद पैन, मोमबत्तियां, शगुन के लिफाफे, साधारण लिफाफे और कच्चे मैटीरियल से खिलौने तैयार किए जाते हैं। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 3900 विशेष जरूरतों वाले बच्चे हैं। सरकारी प्राइमरी स्कूल लितर, धर्मपुरा कालोनी बटाला और अलग-अलग स्कूलों में सेंटर स्थापित हैं। यहां पर कुल 12 स्पेशल अध्यापक हैं। एक स्पेशल एजुकेटर और 120 वालंटियर काम कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि विशेष जरूरतों वाले बच्चों की सहायता के लिए जिले की समाजसेवी लोग और संस्थाएं भी अपना सहयोग दे रही हैं। इनमें सविंदर सिंह गिल, सुखजिंदरा ग्रुप आफ इंस्टीट्यूट, मोहित महाजन, गोल्डन इंस्टीट्यूट से, बलविंदर सिंह भल्ला क्रिस्टल फार्म, सुरजीत सिंह लाडी एमडी गुरु तेग बहादुर इंटरनेशनल स्कूल, कल्याणपुर और कुलजीत सिंह एमडी माता गुजरी पब्लिक स्कूल अमीपुर शामिल हैं। इस दौरान अमरीक सिंह, सतपाल, ज्योति बाला, मनजिंदर कौर, वरुण शर्मा, अरुणा, मनदीप कौर और पूनम जीत कौर मौजूद थी।
07जीडीआर1- मोमबत्तिया बनाते स्कूल के विघा र्थी।
07जीडीआर2- अपने बनाए पैन दिखाते स्कूल के विघार्थी।