पाइटैक्स में वायु सेना ने पहली बार लगाए स्टाल
एयर मार्शल बोले, रक्षा उपकरणों के निर्माण क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने भारत
अमर उजाला ब्यूरो
अमृतसर।
अमृतसर। उद्योगपतियों को चाहिए कि वह वायु सेना की मांग को देखते हुए उपकरणों का निर्माण करें, जिससे भारत रक्षा उपकरणों के क्षेत्र में आत्मनिर्भर हो सके। उक्त विचार भारतीय वायु सेना के एयर मार्शल संजय शर्मा (एओसी आईएनसी मेंटिनेंस) ने पंजाब इंटरनेशनल ट्रेड एक्सपो (पाइटैक्स) में आयोजित एक दिवसीय सेमीनार को संबोधित करते हुए व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है जब मेक इन इंडिया को बढ़ावा देते हुए टूल्ज, टेस्टर, ग्राउंड उपकरणों का निर्माण अपने ही देश में शुरू करना चाहिए। वर्तमान हालातों में भारत इस मामले में विदेशों पर निर्भर है। उन्होंने उद्योगपतियों को इस क्षेत्र में आगे आने की अपील करते हुए कहा कि इस तरह की कार्यशालाओं का मुख्य उद्देश्य उद्योगपतियों की वायु सेना उपकरण निर्माण क्षेत्र में भागेदारी सुनिश्चित करना है। क्योंकि उद्योग जगत अभी तक रक्षा उपकरणों के निर्माण क्षेत्र के बारे में जागरूक नहीं है।
जागरूकता के अभाव में देश को हर साल विदेशों से रक्षा उपकरण मंगवाने पड़ते हैं। यही कारण है कि पहली बार वायु सेना ने पायटैक्स में भाग लेकर उद्योगपतियों तथा यहां आने वाले लोगों को जागरूक करने का फैसला किया है। पायटैक्स में वायु सेना द्वारा लगाए गए स्टाल में उन सभी उपकरणों को रखा गया है जिनकी मांग उद्योग जगत से है। इससे पहले पीएचडी चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के अध्यक्ष अनिल खेतान ने कहा कि वायु सेना की मांग को पूरी करने के क्षेत्र में उद्योग जगत का एमएसएमई क्षेत्र अहम भूमिका निभा सकता है।पीएचडी चैंबर की पंजाब कमेटी के चेयरमैन आरएस सचदेवा ने सेमिनार में मौजूद पंजाब के उद्योगपतियों को रक्षा क्षेत्र में उपकरण व टूल्ज निर्माण क्षेत्र में आगे आने का आह्वान किया कि चैंबर द्वारा रक्षा मंत्रालय तथा उद्योपगतियों के बीच सेतु का काम करने हुए उद्योगपतियों को इस बारे में हर संभव सहयोग दिया जाएगा।
वायु सेना को उपकरणों की जरूरत
वायु सेना के एयर वाइस मार्शल बीके सूद (वीएसएम, एसीएएस) एमपी ने कहा कि वायु सेना को वर्तमान में उपकरणों की जरूरत है। इस अवसर पर हिंदुस्तान एरोनौटिक्स लिमिटेड के महाप्रबंधक के रामा कृष्णा, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड के वरिष्ठ प्रबंधक श्रीधर एस नादीगर ने उद्योगपतियों के सवालों का जवाब देते हुए बताया कि एमएसएमई क्षेत्र के उद्योग इस क्षेत्र में किस तरह से अहम भूमिका निभा सकते हैं। इस अवसर पर एयरफोर्स के ग्रुप कैप्टन ए नैनवाल, एवीएम एमके गुलेरिया, एयर कमांडर संजीव सिन्हा के अलावा कई गणमान्यों ने विचार व्यक्त किए