फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

स्वच्छता सर्वे में पिछड़ता नजर आ रहा पठानकोट

विज्ञापन
विज्ञापन
स्वच्छता सर्वे में पिछड़ रहा पठानकोट
विज्ञापन

पिछली बार सूबे में चौथे नंबर पर था, इस बार बारह पर
राष्ट्रीय स्तर पर भी 16 अंक लुढ़का
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट।
इस बार केंद्र सरकार के स्वच्छता सर्वेक्षण में पठानकोट पिछड़ता नजर आ रहा है। पिछली बार पठानकोट देशभर में 188वें नंबर और सूबे में चौथे नंबर पर रहा था। इस बार सर्वे के अंतिम दौर में पहुंचने के बाद भी अभी पठानकोट देश में 204वें और सूबे में 12वें नंबर पर ही पहुंच पाया है। हालांकि सर्वे का अंतिम दौर पूरा होने के बाद ही फाइनल स्कोर और रैंक शहर का तय होगा।
पिछली बार के सर्वेक्षण की तरह ही इस बार भी शहर सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट प्लांट न होने, कूड़े के ढेर लगे होने के कारण पिछड़ रहा है। सर्वे के अंतिम दौर में केंद्र से टीम लोगों से फीडबैक ले रही हैं। वहीं नगर निगम ने इस बार पिछली बार से भी अच्छी रैंकिंग लाने का दावा किया था।
विज्ञापन

पिछली बार शहर को मिली रैंकिंग में स्वच्छता मोबाइल एप का खास रोल था। इस बार स्वच्छता एप से भी खास उम्मीद नहीं है। इस बार स्वच्छता मोबाइल एप को पठानकोट में लोगों ने सिर्फ 613 बार डाउनलोड किया है। इनमें से 422 लोग एक्टिव नहीं है। सिर्फ 191 यूजर ही एक्टिव हैं। इसके अलावा स्वच्छता एप पर लोगों ने नगर निगम को 242 शिकायतें दी। सिर्फ 113 शिकायतों का ही हल किया गया। इसके अलावा 11 पर काम चल रहा है। 62 पेंडिंग हैं और 56 रिजेक्ट कर दी गई हैं। इसके अलावा सिर्फ छह लोगों ने एप की कार्यवाही पर संतुष्टि जताई है जबकि 4 लोगों ने एप पर असंतुष्टि व्यक्त की है।
विधायक अमित नहीं सर्वे से संतुष्ट
विधायक अमित विज का कहना है कि वह न तो सर्वे से संतुष्ट हैं और न ही नगर निगम की कार्यप्रणाली से। उन्होंने कहा कि सर्वे के नाम पर शहर में लीपापोती करना सही नहीं है। वहीं नगर निगम की कार्यप्रणाली में सुधार लाने के लिए अगले महीने से हर रोज वह खुद मीटिंग करेंगे और नई योजनाओं के साथ शहर की बेहतरी के लिए काम करेंगे।
विज्ञापन

मेयर ने अफसरों के सिर फोड़ा ठीकरा
मेयर अनिल वासुदेवा ने कहा कि पिछली बार निगम के अफसरों ने सर्वे में खूब दिलचस्पी दिखाई थी। इस बार अफसरों ने कम रुचि दिखाई है, जिससे परिणाम अच्छे नहीं आए हैं। काफी कमियां सर्वे टीम को शहर में मिलीं हैं। पिछली बार से बेहतर करना काफी मुश्किल है।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें