अब जब भी वह अपने खानदान के साथ श्री करतारपुर साहिब जाएंगे तो निमाने सिख के तौर पर ईमानदारी से सजदा करेंगे और रब से अपने गुनाहों की माफी मांगेंगे। इससे पहले वित्त मंत्री ने मुख्य पंडाल ‘गुरु नानक दरबार’ में हाजिरी भरी और इलाही बाणी का कीर्तन श्रवण किया।
उन्होंने गुरु साहिब के 550वें प्रकाश पर्व के पवित्र दिवस की संगत को मुबारकबाद देते हुए बाबा नानक के सिद्धांतों पर चलते हुए समाज से भ्रष्टाचार, अत्याचार जैसी सामाजिक बुराइयों के खात्मे का संकल्प लेने का आह्वान किया।
सुल्तानपुर लोधी के विधायक नवतेज सिंह चीमा और अन्य शख्सियतों ने भी पंडाल में हाजिरी भरी। 'गुरु नानक दरबार' में वित्त मंत्री ने कहा कि यदि श्री गुरु नानक देव जी दुनिया में न आते तो शायद इंसानियत अधूरी रह जाती। उन्होंने नई पीढ़ी को बाबा नानक के सर्व सांझीवालता वाले संदेश दिल से अपनाने और उनके दिखाए रास्ते पर चलने के लिए प्रेरित किया।
उन्होंने कहा कि 20वीं सदी में पंजाब ने बहुत कुछ गंवाया है, हमसे बहुत ही दुर्लभ वस्तुएं छिन गई, पर 21वीं सदी जोड़ने वाली है। इसकी मिसाल करतारपुर कॉरिडोर खुलने जैसे मुबारक मौके से मिलती है। इस दिन का इंतजार सालों से किया जा रहा था जो आखिर बाबा नानक की मेहर से प्रकाश पर्व पर पूरा हो गया।