अमृतसर देहाती पुलिस की टीम ने भारत-पाक सीमा स्थित बीओपी पंज गराइयां इलाका से शनिवार की सुबह नशा तस्करी के बड़े प्रयास को असफल करते हुए 40.81 किलो हेरोइन बरामद की है। पाक तस्करों ने प्लास्टिक के दो पाइपों के जरिये 39 पैकेटों में इस हेरोइन को भारतीय क्षेत्र में फेंका गया था। इससे पहले कि भारतीय तस्कर इन तक पहुंच कर हेरोइन की खेप को ठिकाने लगाते, पुलिस और बीएसएफ की टीमों ने संयुक्त अभियान चलाकर इसे बरामद कर लिया और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पकड़ी गई हेरोइन की पुष्टि करते हुए बीएसएफ के सेक्टर गुरदासपुर के डीआईजी प्रभाकर जोशी ने बताया कि बीएसएफ और सीआईए अमृतसर की पुलिस की ओर से क्षेत्र में सर्च अभियान किया गया।
पंजाब पुलिस के डीजीपी दिनकर गुप्ता ने चंडीगढ़ से प्रेस विज्ञप्ति जारी करते हुए बताया कि यह बरामदी एसएसपी देहाती गुलनीत सिंह खुराना की सूचना के बाद की गई। डीजीपी ने बताया कि बड़ी मात्रा में हेरोइन तस्करी की सूचना मिलते ही एसएसपी खुराना ने बीएसएफ अधिकारियों के साथ संपर्क किया और बताया कि घरिंडा थानाक्षेत्र के गांव भुकना का निर्मल सिंह उर्फ सोनू मेयर के जरिये हेरोइन को ठिकाने लगाया जाना है।
डीजीपी गुप्ता ने बताया कि इसके बाद डीएसपी इंवेस्टिगेशन गुरिंदरपाल सिंह नागरा और डीएसपी अजनाला विपन कुमार के नेतृत्व वाली पुलिस टीम बीएसएफ के साथ मिलकर नशा तस्कर को पकड़ने के लिए बीओपी पंज गराइयां पहुंची। वहां सर्च के दौरान प्लास्टिक की पाइप के अंदर हेरोइन के 39 पैकेट मिले, जिनका वजन 40 किलो और 810 ग्राम था, कब्जे में ले लिया। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 200 करोड़ रुपये है। इसके साथ ही पुलिस ने मौके से 180 ग्राम अफीम और सुपर पंजाब पंप, पाकिस्तान में निर्मित दो प्लास्टिक पाइप के अलावा पुलिस ने मौके से एक मोटरसाइकिल और एक स्कूटी भी बरामद की। इस मौके पर बीएसएफ जवानों द्वारा पाक तस्करों पर गोलीबारी भी की गई, लेकिन तस्कर रात के अंधेरे का फायदा उठाते हुए भागने में सफल रहे।
एसएसपी देहाती गुलनीत सिंह खुराना ने बताया कि सोनू, जो तरनतारन पुलिस को वर्ष 2020 में बरामद की गई एक किलो हेरोइन मामले में भी वांछित है, की गिरफ्तारी के लिए पुलिस दबिश दे रही है। उन्होंने कहा कि बहुत जल्द इस हेरोइन तस्करी के मामले के सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस मामले में आरोपी तस्करों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।