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कर्मचारी दलों की राजनीति की भेंट चढ़ रहा निगम

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कर्मचारी नेता के ट्रांसफर पर नेता आमने-सामने
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कर्मचारी दलों की राजनीति की भेंट चढ़ रहा नगर निगम
आए दिन हड़तालों से शहर की सफाई व्यवस्था भी चरमराई
अमर उजाला ब्यूरो
पठानकोट।
नगर निगम के कर्मचारी दल के एक नेता की ट्रांसफर पर विभिन्न कर्मचारी संगठन आमने-सामने आ चुके हैं। इस समय ऐसा कहना गलत नहीं होगा की नगर निगम के कर्मचारी, यूनियन की राजनीति में फंस चुके हैं और शहर की सफाई व्यवस्था इसी राजनीति की भेंट चढ़ रही है। आमने-सामने हुई यूनियनों में एक तरफ भारतीय मजदूर संघ और अखिल भारतीय सफाई मजदूर यूनियन है तो दूसरी तरफ स्वच्छ भारत सफाई मजदूर यूनियन है। मुद्दा अखिल भारतीय सफाई मजदूर यूनियन के नेता रमेश दरोगा की ट्रांसफर का है।
दरअसल नगर निगम ने रमेश दरोगा को पठानकोट से ट्रांसफर करके डेयरीवाल में तैनात कर दिया है। यह बात न तो भारतीय मजदूर संघ और न ही अखिल भारतीय सफाई मजदूर यूनियन को पच रही है। उक्त दोनों संगठन निगम के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं और निगम पर रमेश दरोगा की ट्रांसफर रद्द करने का दबाव बना रहे हैं। दूसरी तरफ स्वच्छ भारत सफाई मजदूर यूनियन इसी बात को लेकर भारतीय मजदूर संघ और अखिल भारतीय सफाई मजदूर यूनियन के खिलाफ हो चुकी है। स्वच्छ भारत सफाई मजदूर यूनियन का कहना है कि निगम प्रशासन सोच-समझकर ही ट्रांसफर करता है। इसका विरोध नहीं करना चाहिए।
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इसका खामियाजा शहर की सफाई व्यवस्था को भी भुगतना पड़ रहा है। कर्मचारी दल के नेता रमेश दरोगा की ट्रांसफर के विरोध में काम छोड़कर बैठे हुए कर्मचारियों के कारण शहर में सफाई व्यवस्था चरमरा गई है। चिंता का विषय यह है कि इस समय केंद्र सरकार को स्वच्छता सर्वेक्षण भी चल रहा है। हालांकि यह अंतिम दौर में है लेकिन शहर की गंदगी सर्वेक्षण पर गलत असर डाल सकती है।
स्वच्छ भारत सफाई मजदूर यूनियन के चेयरमैन दीपक भट्टी ने कहा कि एक मुलाजिम को ट्रांसफर करना निगम प्रशासन का अधिकार है। निगम ने जरूरत के हिसाब से ट्रांसफर किया है। एक मुलाजिम की ट्रांसफर को लेकर हड़ताल करना और शहर में सफाई व्यवस्था को नुकसान पहुंचाना गलत है। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत सफाई मजदूर यूनियन के साथ वाटर सप्लाई, म्यूनिसिपल यूनियन समेत कई दल हैं जो भारतीय मजदूर संघ और अखिल भारतीय सफाई मजदूर यूनियन का विरोध करते हैं।
वहीं भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री गुरमेज सिंह का कहना है कि उन्होंने कहा कि वह मुलाजिम की ट्रांसफर के विरोध में एकजुट हैं। जो यूनियनें उनका (संघ का ) विरोध कर रहीं हैं वह बदले की भावना रखती हैं। निगम की अफसरशाही भी बदलाखोरी कर रही है।
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मेयर अनिल वासुदेवा का कहना है कि कर्मचारी दलों के आपस में नोकझोंक के कारण नगर निगम और शहर को नुकसान हो रहा है। यह चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि निगम कमिश्नर को जल्द कर्मचारी दलों से बैठक करके इसका हल ढूंढने को कहा गया है।

फोटो -17- पठानकोट निगम कर्मियों की नोंकझोंक से सफाई व्यवस्था का बुरा हाल।
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