हादसे के बाद मंगलवार को दोपहर तक सिविल अस्पताल में पुलिस व प्रशासन का कोई भी अधिकारी न पहुंचने पर सतनाम का परिवार सिविल अस्पताल के बाहर धरने पर बैठ गया। इस दौरान मीडिया को जानकारी देते हुए एंबुलेंस चालक सतनाम सिंह के पिता अवतार सिंह ने कहा कि उनका बेटा कोरोना की इस घड़ी में फ्रंटलाइन वर्कर था लेकिन हादसे में उसकी मौत होने के बावजूद जिला प्रशासन का कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। सतनाम की मां भी सिविल अस्पताल में बतौर आशा वर्कर काम कर रही है।
अवतार सिंह व उनके रिश्तेदारों ने सरकार से मुआवजे की मांग करते हुए करीब दो घंटे तक सिविल अस्पताल के बाहर धरना दिया। इस मौके पर डीएसपी सिटी बरजिंदर सिंह भुल्लर पुलिस टीम के साथ पहुंचे। एंबुलेंस के मालिक ने अपनी ओर से परिवार को एक लाख 60 हजार रुपये दिए लेकिन प्रशासन ने सतनाम सिंह के परिवार के लिए कोई मुआवजा घोषित नहीं किया।
घर में सिलिंडर रखने पर होगी कार्रवाई
एसडीएम मोगा सतवंत सिंह ने कहा कि घर में ऑक्सीजन सिलिंडर रखने को लेकर बचन सिंह के परिवार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल जांच की जा रही है, जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी। बता दें कि जिला प्रशासन काफी पहले आदेश जारी कर चुका है कि कोई भी अपने घर में ऑक्सीजन सिलिंडर नहीं रख सकता और अगर किसी के पास है तो वह तुरंत सरकारी अस्पताल में जमा करवा दे।
जानकारी के अभाव में हुआ हादसा
जिस समय एंबुलेंस चालक सतनाम सिंह ऑक्सीजन सिलिंडर चेक कर रहा था तो उसके साथ या वहां पर कोई भी अस्पताल का स्टाफ या माहिर नहीं था। ऐसे में हादसे का कारण जानकारी न होना भी माना जा रहा है। चूंकि सतनाम सिंह की आयु 19 वर्ष ही थी और एंबुलेंस पर ड्राइवरी करते भी करीब पांच माह ही हुए थे। थाना अजीतवाल की पुलिस मामले की जांच कर रही है।