पंजाब की सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा मलोट की विधायक डॉ. बलजीत कौर के निवास के आगे धरना लगाने वाले तीन आप नेताओं को पार्टी ने निष्कासित कर दिया है। विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस छोड़ आप में शामिल होने वाले वाले नए नेताओं को डॉ. बलजीत कौर द्वारा ज्यादा तरजीह देने और पुराने कार्यकर्ताओं को कम सम्मान देने का आरोप लगाते हुए रविवार बाद दोपहर को आप नेताओं ने कैबिनेट मंत्री के निवास के आगे धरना लगाया था।
आप नेताओं व कार्यकर्ताओं का कहना है कि कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर द्वारा पार्टी में कांग्रेस छोड़ चुनाव के दौरान नए शामिल हुए नेताओं को ज्यादा तवज्जो दी जा रही है। जबकि पुराने आप नेताओं का पार्टी में सम्मान कम हुआ है। जो लोग कांग्रेस सरकार के कार्यकाल के दौरान क्षेत्र के तत्कालीन विधायक अजायब सिंह भट्टी के साथ रहा करते थे और आम लोगों को भट्टी से मिलने तक नहीं देते थे। ऐसे लोगों को आज डॉ. बलजीत कौर ने अपने आस-पास कर लिया है और उन्हीं की पार्टी में पूछ हो रही है। जबकि पुराने नेताओं को तो दरकिनार कर दिया गया है। लोगों ने सिस्टम में बदलाव के लिए आम आदमी पार्टी को वोट दिया था, लेकिन सिस्टम वैसे ही चल रहा है। नशा भी वैसे ही सरेआम बिक रहा है और दूसरी पार्टियों से आए नेता अपनी मनमर्जी कर रहे हैं। अपने निष्कासन पर उन्होंने कहा कि वह ऐसे किसी पत्र को नहीं मानते। यह पंजाब के लेटर पैड पर जारी किया गया है। जबकि इस पर हस्ताक्षर जिला अध्यक्ष के हैं।
वहीं सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि जो भी पार्टी नेता या कार्यकर्ता पार्टी की छवि को खराब करना चाहेगा, उसे पार्टी से निष्कासित कर दिया जाएगा। जब निष्कासित कार्यकर्ताओं संबंधी लेटर पैड चंडीगढ़ और हस्ताक्षर जिला अध्यक्ष के होने के बारे में डॉ. बलजीत कौर से पूछा गया तो साथ बैठे जिला अध्यक्ष जगदेव बाम ने इसका जवाब देते हुए कहा कि उन्हें पार्टी ने ही लैटर पेड देते हुए ये अधिकार दिया है। वे तो इन लोगों को कल से समझा रहे हैं। यहां तक कि मंत्री ने खुद उन्हें धरने के दौरान घर के अंदर आकर बैठकर वार्ता करने को कहा था, मगर वे धरने पर डटे रहे जिस कारण ये कार्रवाई करनी पड़ी। पत्रकारों द्वारा निष्कासित किए गए नेताओं को दोबारा वापस पार्टी में लेने पर डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि ये फैसला पार्टी को करना है। वे इस बारे में कुछ नहीं बता सकतीं।
वहीं सोमवार बाद दोपहर आप नेताओं की कैबिनेट मंत्री डॉ. बलजीत कौर के भाई राजपाल सिंह और लोकसभा इंचार्ज जशन बराड़ के साथ बैठक हुई। जिसमें आप नेताओं को उनके वार्डों के काम वार्ड इंचार्जों के जरिए करवाने, उनकी पूरी सुनवाई और उन्हें पूरा सम्मान देने का आश्वासन दिया गया। साथ ही संगठन के पंजाब इंचार्ज के गुजरात गए होने और दस दिन में लौटने पर उनकी पार्टी से सदस्यता दोबारा बहाल करने का आश्वासन भी दिया गया। जिस पर आप नेताओं ने धरना उठा लिया।