वन विभाग की ओर से 23 जून तक खाली कराए जाने का नोटिस मिलने पर 15 गांवों के लोगों में जबरदस्त रोष है। ग्रामीण कहते हैं दशकों बीत चुके, वन विभाग ने पहले भूमि को अपना नहीं बताया था।
हालिया वर्षों में भूमि को अपना बताकर उन्हें बेघर करना चाहता है। उन्होंने बताया कि जान दे देंगे। लेकिन अपने पुरखों की मेहनत से बनाई गई भूमि को हाथ से जाने नहीं देंगे। बेघर होने का नोटिस झेल रहे कई लोगों की जवानी बीत गई।
अब बुढ़ापा आ गया। इन वृद्ध पुरुष-महिलाओं का कहना है कि आजादी के बाद उनके पुरखों ने ऊबड़-खाबड़ जमीन को बड़ी मेहनत कर समतल करके उपजाऊ बनाया। वह भी पूरी उम्र इसी भूमि पर खेती-बाड़ी करते आए हैं लेकिन अब वन विभाग नोटिस जारी कर भूमि अपनी बताकर खाली कराना चाहता है।