फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Sri Lanka-China: जिनपिंग ने दी श्रीलंका के नए राष्ट्रपति दिसानायके को बधाई, BRI परियोजना में निवेश का वादा

Mon, 23 Sep 2024 07:49 PM IST
बशु जैन वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
विज्ञापन
1 of 4
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके। - फोटो : ANI
चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने सोमवार को श्रीलंका के नवनिर्वाचित राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके को बधाई दी। जिनपिंग ने दिसानायके से बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (BRI) परियोजना में निवेश का वादा किया। शी ने कहा कि वह चीन-श्रीलंका संबंधों के विकास को महत्व देते हैं। साथ ही पारंपरिक मित्रता को आगे बढ़ाने और राजनीतिक आपसी विश्वास को बढ़ाने के लिए श्रीलंका के नेता के साथ काम करने के लिए तैयार हैं। इस दौरान चीनी राष्ट्रपति ने बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) सहयोग को सुविधाजनक बनाने और चीन-श्रीलंका रणनीतिक सहकारी साझेदारी में स्थिर और दीर्घकालिक प्रगति करने के लिए श्रीलंका के नए राष्ट्रपति के साथ काम करने का भी वादा किया।
विज्ञापन

2 of 4
राष्ट्रपति पद की शपथ लेते अनुरा कुमारा दिसानायके। - फोटो : पीटीआई
मार्क्सवादी नेता अनुरा कुमारा दिसानायके ने सोमवार को श्रीलंका के नए राष्ट्रपति के रूप में शपथ ली और कहा कि वह अपने देश में पुर्नजागरण की शुरुआत करेंगे। प्रधान न्यायाधीश जयंत जयसूर्या ने राष्ट्रपति सचिवालय में उन्हें शपथ दिलाई। दिसानायके ने देश को संबोधित करते हुए जनादेश का सम्मान करने और शांतिपूर्ण सत्ता हस्तांतरण के लिए पूर्व राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे का आभार जताया। दिसानायके ने कहा था कि मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि मैं लोकतंत्र को बचाने और नेताओं का सम्मान बहाल करने की दिशा में काम करने के लिए सर्वश्रेष्ठ प्रयास करूंगा क्योंकि लोगों के बीच नेताओं के आचरण को लेकर संदेह है। उन्होंने कहा कि श्रीलंका अलग-थलग नहीं रह सकता और उसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग की जरूरत है।
विज्ञापन

3 of 4
श्रीलंका के राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके। - फोटो : PTI
चीनी विशेषज्ञों को संबंधों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद
चुनाव से पहले मार्क्सवादी नेता दिसानायके ने कहा था कि अगर उनकी सरकार चुनी जाती है तो वह नई दिल्ली के हितों को कमजोर नहीं करेगी। उनका गठबंधन ऐसा कुछ भी नहीं करेगा जिससे भारतीय सुरक्षा कमजोर हो, लेकिन यह चीन के साथ आर्थिक और राजनीतिक संबंध बनाए रखेगा। दिसानायके के सत्ता संभालने के बाद चीनी विशेषज्ञों को उम्मीद है कि उनकी जीत से बीजिंग और कोलंबो के बीच संबंधों को और बढ़ावा मिलेगा। उनसे चीन के साथ संबंधों को मजबूत करने के लिए अधिक व्यावहारिक और मैत्रीपूर्ण दृष्टिकोण अपनाने की उम्मीद है। विशेषज्ञ मानते हैं कि दिसानायके की पार्टी चीन के साथ कई वैचारिक समानताएं साझा करती है और चीन के साथ देश के संबंधों को महत्व देती है। 
विज्ञापन

4 of 4
कार्यभार ग्रहण करते श्रीलंका के नए राष्ट्रपति अनुरा कुमारा दिसानायके। - फोटो : पीटीआई
यह है बीआरआई परियोजना
बीआरआई पहल को चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने 2013 में सत्ता में आने पर शुरू किया था। इसका उद्देश्य दक्षिण पूर्व एशिया, मध्य एशिया, खाड़ी क्षेत्र, अफ्रीका और यूरोप को भूमि और समुद्री मार्गों के नेटवर्क से जोड़ना है। इस पहल ने अस्थिर बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए छोटे देशों को भारी ऋण देने की चीन की कूटनीति पर वैश्विक चिंताएं बढ़ा दी हैं। भारत बीआरआई का विरोध कर रहा है क्योंकि यह परियोजना चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) का एक प्रमुख हिस्सा पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (पीओके) से होकर गुजरता है। श्रीलंका में चीन की उच्च मूल्य वाली बीआरआई परियोजना बीजिंग द्वारा अधिग्रहीत हंबनटोटा बंदरगाह है। इसका श्रीलंका के आर्थिक संकट को बढ़ाने में योगदान है। देश में आर्थिक संकट आने के बाद विक्रमसिंघे सरकार ने भारत द्वारा व्यक्त की गई सुरक्षा चिंताओं के कारण अनुसंधान जहाजों के बहाने श्रीलंकाई बंदरगाहों पर आने वाले चीनी जासूसी जहाजों की आवाजाही को प्रतिबंधित कर दिया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें