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तस्वीरें: काबुल में शिया प्रदर्शनकारियों पर आतंकी हमला, 80 की मौत

Sat, 23 Jul 2016 11:37 PM IST
टीम डिजिटल/ अमर उजाला, नई दिल्ली
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- फोटो : Reuters
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में शनिवार को प्रदर्शन कर रहे शिया मुसलमानों पर हुए फिदायीन हमले में कम से कम 80 लोगों की मौत हो गई, जबकि 231  लोग घायल हुए हैं। दरअसल एक प्रस्तावित विद्युत ट्रांसमिशन लाइन के विरोध में अल्पसंख्यक हजारा शियाओं का समूह प्रदर्शन कर रहा था कि आत्मघाती हमलावर ने खुद को उड़ा लिया। 
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तस्वीरे: काबुल में शिया प्रदर्शनकारियों पर आतंकी हमला, 61 की मौत

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- फोटो : Reuters
प्रदर्शनकारियों की मांग थी कि तुर्कमेनिस्तान से काबुल जाने वाली 500 केवी ट्रांसमिशन लाइन का रूट फिर से तय किया जाए और लाइन को बड़ी हजारा आबादी वाले दो अन्य प्रांतों (बामयान और वर्डाक)से भी होकर ले जाया जाए। लेकिन अफगान सरकार का कहना था कि इससे ट्रांसमिशन लाइन को तैयार करने का खर्च काफी अधिक बढ़ जाएगा और प्रोजेक्ट को पूरा करने में अनावश्यक रूप से अधिक समय लगेगा। 
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तस्वीरे: काबुल में शिया प्रदर्शनकारियों पर आतंकी हमला, 61 की मौत

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- फोटो : Reuters
सरकार के इनकार के बाद हजारा समुदाय (शिया मुस्लिम) के लोग सड़कों पर उतरने को मजबूर हो गए। विरोध मार्च के आयोजन कर्ताओं में शामिल लैला मुहम्मदी ने कहा, ‘मैं धमाके के ठीक बाद प्रदर्शन स्थल पर पहुंची तो चारों तरफ लाशें बिखरी थीं। कितनों को अंगभंग अवस्था में देखा।’

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- फोटो : Reuters
लोक स्वास्थ्य मंत्री मोहम्मद इस्माइल काओसी ने भी मारे गए लोगों की पुष्टि की।
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तस्वीरे: काबुल में शिया प्रदर्शनकारियों पर आतंकी हमला, 61 की मौत

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- फोटो : Reuters
अभी तक किसी संगठन ने इस हमले की जिम्मेदारी नहीं ली है। हमले के बाद राष्ट्रपति अशरफ गनी ने दुख व्यक्त करते हुए कहा, ‘अवसरवादी आतंकवादियों ने प्रदर्शनकारियों के बीच घुसकर बम धमाका कर दिया। हमले में आम नागरिकों के अलावा सुरक्षाकर्मियों और सैनिकों की भी मौत हुई है।’ 
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- फोटो : Reuters
कौन है हजारा समुदाय
हमले का शिकार हजारा समुदाय अफगानिस्तान का तीसरा सबसे बड़ा अल्पसंख्यक समुदाय है। हजारा समुदाय शिया मुस्लिम हैं जिनकी आबादी अफगानिस्तान की कुल आबादी की नौ फीसदी है। यह समुदाय लंबे समय से भेदभाव का शिकार रहा है। तालिबान की सरकार के समय हजारों हजारा समुदाय के लोगों को मौत के घाट उतार दिया गया था।
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