जब कभी भी करियर चुनने की बात आती है तो अधिकांश लोग डॉक्टर्स, इंजीनियर्स, मैनेजर्स ही बनने की सोचते हैं। कभी कोई चाय वाला या कॉफी वाला बनने की सोचता है। शायद नहीं। मगर अब लगता है कि इस दिशा में भी सोचा जाना चाहिए।
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पेशे से वकील और बेचती हैं चाय, बन गई बिजनेसवुमन ऑफ द ईयर
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उपम्मा विर्दी की कहानी भी कुछ ऐसी ही है। वो महज चाय वाली की संस्थापक नहीं हैं बल्कि एक प्रख्यात बिजनेस लीडर भी हैं। भारतीय चाय के प्रति उनके जुनून ने विर्दी को ऑस्ट्रेलिया की सफल बिजनेस वुमन बना दिया है।
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विर्दी ने कहा कि भारतीय संस्कृति में चाय के जरिए लोग एकसाथ आते हैं। फिर बात किसी दुख की हो या खुशी की। चाय हर जगह होती है। मैंने भी कोशिश की मगर ऑस्ट्रेलिया में चाय के लिए कोई बेहतर जगह नहीं तलाश पाई।
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यह शानदार सफर दो साल पहले शुरू हुआ था। इस दौरान विर्दी एक लॉ फर्म में जॉब करती थी। तभी उन्हें इस टी बिजनेस का ख्याल आया। विर्दी के दादाजी एक डॉक्टर थे जिन्हें औषधियों और मसालों की जानकारी थी। यही से उनके जूनून को फायदा मिला।
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विर्दी ने बताया मेरे दादाजी आयुर्वेदिक चिकित्सक थे। वो अपनी डिस्पेंसरी में आयुर्वेदिक चाय बनाया करते थे। उन्होंने मुझे भी आयुर्वेदिक चाय बनाया सिखाया था। कुछ ही समय में विर्दी ने इस चाय को ऑनलाइन बेचना शुरू किया। सोशल मीडिया पर कई तरह के कैम्पेन चलाने के बाद विर्दी को यह सफलता मिली। वो ऑस्ट्रेलिया की बिजनेसवुमन घोषित की गई।
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विर्दी ने कहा मेरा मकसद ऑस्ट्रेलियन समाज को चाय के जरिए भारतीय संस्कृति से रूबरू करवाना था।% उपम्मा लोगों को परफेक्ट चाय बनाना सिखाने के लिए वर्कशॉप भी चलाती हैं। हालांकि अभी भी उन्होंने लॉ फर्म में अपनी जॉब नहीं छोड़ी है। आज भी वो उस पल को याद करके मुस्कुराती हैं कि उनके पैरेन्टस कभी नहीं चाहते थे विर्दी भी चाय वाली बने।