इंडियन पित्ता जिसको नौरंगा भी बोला जाता है, जिसके नौ रंग इसको एक अलग ही पहचान देते हैं और पक्षी अवलोकन करने वाले पर्यटक इसका दीदार करने को काफी उत्सुक रहते हैं। ये बहुत ही शर्मीला पक्षी होता है, जो पेड़ों पर बसेरा करता है और आसानी से नजर नहीं आता है। दीप ने बताया यह पक्षी एक खास किस्म की आवाज निकालता है, जिसे सुनकर इसकी उपस्थिति का अंदाजा लगाया जा सकता है। मगर इसके लिए आपको इसकी खास आवाज की जानकारी होनी जरूरी है तभी आप इसकी खूबसूरती कर सकते हैं।
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देवभूमि पहुंचा नौ रंग वाला अनोखा परिंदा, तस्वीरें देखें...
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प्रवासी पक्षी
ब्लू टेल्ड बी ईटर अपनी नीली पूंछ के कारण जबकि चेस्टनट हेडेड अपने गहरे भूरे रंग के सिर द्वारा अलग ही पहचानी जाती है। ये उष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में प्रजनन करती हैं और बड़े तालाबों के किनारे व खेतों में अधिकतर नजर आ जाती हैं।
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प्रवासी पक्षी
यहां पहुंचे पक्षियों में एशियन पैराडाइस फ्लाई कैचर, इंडियन पित्ता, ब्लू टेल्ड बी ईटर और चेस्टनट हेडेड बी ईटर शामिल हैं।
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पक्षी
ज्यादा गर्मी पड़ने की वजह से ये परिंदे उत्तर भारत की और प्रवास करते हैं।
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प्रवासी पक्षी
ग्रीष्मकालीन प्रवासी पक्षी देवभूमि उत्तराखंड के कार्बेट पार्क आने लगे हैं, जिससे स्थानीय पक्षी प्रेमी और पर्यटकों में उत्साह है।
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पक्षी
ब्लू टेल्ड बी ईटर और चेस्टनट हेडेड बी ईटर, जो बी ईटर प्रजाति से आते हैं। ये मधुमक्खियों, तितलियों व अन्य कीड़े-मकोड़ों को हवा में ही पकड़कर खाने की लिए मशहूर हैं। इनके हवाई करतब देखने लायक होते हैं और अधिकांश समय ये हवा में मधुमक्खियों, तितलियों व अन्य कीड़े-मकोड़ों को पकड़कर खाने में व्यतीत करते हैं।
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पक्षी
वाइल्ड लाइफ फोटोग्राफर दीप रजवार के मुताबिक एशियन पैराडाइस फ्लाई कैचर बहुत ही सुंदर चिड़िया है। लंबी पूंछ और सफेद रंग इसका आकर्षण बढ़ाता है। ये मध्य एशिया से चीन, भारत और श्रीलंका तक पाई जाती है। ये सर्दियों में एशिया के उष्ण कटिबंधीय क्षेत्रों में पहुंच जाती हैं। स्थायी रूप से इनकी आबादी दक्षिणी भारत और चीन में पाई जाती है।