यह बात बेहद कम लोगों को पता है कि इलाहाबाद से पहले देवभूमि उत्तराखंड में गंगा और यमुना का संगम होता है। जानने के लिए पढ़ें...
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देवभूमि में यहां इलाहाबाद से पहले होता है संगम, मिलता है पुण्य
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गंगनानी
इलाहाबाद के संगम से पहले गंगा और यमुना की धाराएं उत्तरकाशी के धार्मिक स्थल गंगनानी एक-दूसरे से मिलती हैं। उत्तरकाशी के यमुना घाटी क्षेत्र में यमुना तट पर प्राचीन कुंड से गंगा की जलधारा निकलकर यमुना में साथ मिलती है।
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गंगनानी
इसके साथ ही यहां केदार गंगा भी गंगा और यमुना के साथ मिलकर संगम बनाती है। जिससे यह स्थान त्रिवेणी संगम के रूप में भी प्रसिद्घ है। प्राचीन काल ये चली आ रही यह मान्यता आज भी लोगों की आस्था बनी हुई है।
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गंगनानी
मान्यता है कि गंगनानी के निकट स्थित थान गांव में परशुराम के पिता जमदग्नि ऋषि यहां तपस्यारत थे। उन्होंने अपनी पत्नी रेणुका की पूजा के लिए गंगाजल की आवश्यक्ता पूरी करने के लिए अपने तप के बल से यहां गंगा की जलधारा प्रवाहित कर दी थी।
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गंगनानी
तब से गंगनानी के इस कुंड में गंगा की जलधारा प्रवाहित है। पुण्य की प्राप्ती के लिए दूर-दूर से लोग इस कुंड में स्नान करने आते हैं। धार्मिक पर्वों पर यहां देव देवताओं की डोली स्नान कराया जाता है।