सीएम योगी आदित्यनाथ
शलभ ने एक और घटना का जिक्र करते हुए बताया कि महंत अवैद्यनाथ जब बीमार पड़े तो योगी एक बेहतर उत्तराधिकारी, बेहतर जननेता और बेहतर शिष्य की भूमिका में नज़र आए। जीवन के अंतिम वक्त में जब अवेधनाथ गुड़गाँव के मेदांता अस्पताल में भर्ती थे तब योगी जी रात-रात भर उनकी सेवा में डटे नज़र आए। ये वो बात थी जो उनको भीड़ से अलग करती थी। एक और खास बात योगी ने आज तक अपना जन्मदिन नहीं मनाया है। हर रोज़ की तरह इस दिन भी वे ख़ूब काम करते नज़र आते हैं।