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वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम को भव्य रूप देने में घोर लापरवाही,मानकों का उल्लंघन

Mon, 09 Dec 2019 05:32 PM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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kashi vishwanath corridor - फोटो : amar ujala
वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम को भव्य रूप देने के लिए सरकार ने सौ करोड़ रुपये जारी कर दिए, लेकिन हालात ऐसे हैं कि टेंडर प्रक्रिया होने के बाद भी जल्द काम शुरू होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। कॉरिडोर क्षेत्र में अभी कई मकान और मठों का ध्वस्तीकरण बाकी है।

वहीं, ढुंढिराज प्वांइट्स पर तोड़े जा रहे मकानों में मानकों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। बिना किसी विशेषज्ञ की निगरानी के अप्रशिक्षित मजदूरों से ध्वस्तीकरण कराया जा रहा है।  रविवार को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में जलासेन घाट तक राजकीय निर्माण निगम ने धाम के लेवल के लिए पिलरों का निर्माण शुरू कर दिया।

नीलकंठ महादेव के आसपास आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर लेवल के लिए पिलर बना दिए गए हैं। कॉरिडोर क्षेत्र में नक्शे के अनुसार, जहां निर्मल मठ है, वहीं धाम का चौक क्षेत्र बनेगा, लेकिन मठ के ध्वस्तीकरण में पेच फंस गया है।

आशंका जताई जा रही है कि टेंडर जारी होने तक भी मठ का ध्वस्तीकरण नहीं हो सकेगा। वहीं, सरस्वती फाटक से ढुंढिराज प्वाइंट तक दो दर्जन से अधिक मकानों के ध्वस्तीकरण का मामला भी नहीं सुलझा है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश से बातचीत अंतिम दौर में चल रही है। 
 
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kashi vishwanath corridor - फोटो : amar ujala

जलासेन घाट पर हादसे का खतरा

कॉरिडोर क्षेत्र से मिट्टी निकालने के दौरान भी मानकों का ध्यान नहीं रखा गया। कहां से कितनी मिट्टी निकालनी है और कहां कितनी ऊंचाई और गहराई रखनी है, इसका भी ध्यान नहीं रखा गया। इसके कारण कॉरिडोर क्षेत्र गंगा तक जाते-जाते कई जगह उबड़-खाबड़ हो चुका है।

जलासेन घाट पर ध्वस्तीकरण के कारण हादसा होने की आशंका है। घाट की बैरिकेडिंग टूटने के कारण कोई भी व्यक्ति सीधे 50 फीट नीचे गिर सकता है। वहां न तो कोई चेतावनी बोर्ड लगाया गया है और न ही कोई अवरोधक है। 
 
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kashi vishwanath corridor - फोटो : amar ujala

कॉरिडोर में बह रहा है सीवर का पानी

काशी विश्वनाथ कॉरिडोर क्षेत्र में रविवार को सीवर का पानी बह रहा था। इसे आने-जाने वाले श्रद्धालुओं को बदबू से दो चार होना पड़ा। नीलकंठ से जलासेन जाने वाले रास्ते पर बचे हुए मकानों के नाले के पानी का कहीं निकास नहीं होने के कारण उसे कॉरिडोर क्षेत्र में ही खोल दिया गया। गंदगी और बदबू फैलने के कारण श्रद्धालु नाक दबाकर निकले।

टेंडर प्रक्रिया 26 को होगी पूरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ड्रीम प्रोजेक्ट काशी विश्वनाथ धाम के लिए प्रदेश सरकार ने सौ करोड़ का बजट जारी किया है। प्रोजेक्ट पर लगभग 315 करोड़ रुपये खर्च होने है और बजट की पहली किश्त भी जारी हो चुकी है। काशी विश्वनाथ धाम के लिए 12 दिसंबर को प्री बिड किया जाएगा। इसके बाद 26 दिसंबर तक टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाएगी। जिस कंपनी को काशी विश्वनाथ धाम का टेंडर मिलेगा, उसे जनवरी के पहले सप्ताह से निर्माण कार्य शुरू करना होगा।
 
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kashi vishwanath corridor - फोटो : amar ujala

तीन चरणों में होना है काम

प्रोजेक्ट के प्रथम चरण में मंदिर परिसर को विकसित किया जाएगा। इसके बाद दूसरे चरण में गंगा घाट व तीसरे चरण में नेपाली मंदिर से लेकर ललिता घाट, जलासेन घाट व मणिकर्णिका घाट व सिंधिया घाट को शामिल किया गया है। 

करने दिया जाए परंपराओं का निर्वहन

श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी ने मंदिर प्रशासन से आग्रह किया है कि मंदिर अधिनियम के अनुसार मंदिर की परंपराओं के स्वतंत्र निर्वहन करने दिया जाए। उन्होंने मुख्य कार्यपालक अधिकारी विशाल सिंह को पांच सूत्रीय आग्रह पत्र सौंपा है। पत्र में उन्होंने मंदिर से जुड़ी परंपराओं का हवाला देते हुए कहा है कि कई पीढ़ियों से उनका परिवार मंदिर से जुड़ी कई परंपराओं का निर्वहन करता आ रहा है। मंदिर क्षेत्र से अगर उनको बाहर किया जाएगा तो कई परंपराओं के निर्वहन पर संकट उत्पन्न होगा। 
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