वाराणसी में काशी विश्वनाथ धाम को भव्य रूप देने के लिए सरकार ने सौ करोड़ रुपये जारी कर दिए, लेकिन हालात ऐसे हैं कि टेंडर प्रक्रिया होने के बाद भी जल्द काम शुरू होने के आसार नजर नहीं आ रहे हैं। कॉरिडोर क्षेत्र में अभी कई मकान और मठों का ध्वस्तीकरण बाकी है।
वहीं, ढुंढिराज प्वांइट्स पर तोड़े जा रहे मकानों में मानकों का ध्यान नहीं रखा जा रहा है। बिना किसी विशेषज्ञ की निगरानी के अप्रशिक्षित मजदूरों से ध्वस्तीकरण कराया जा रहा है। रविवार को काशी विश्वनाथ कॉरिडोर में जलासेन घाट तक राजकीय निर्माण निगम ने धाम के लेवल के लिए पिलरों का निर्माण शुरू कर दिया।
नीलकंठ महादेव के आसपास आधा दर्जन से अधिक स्थानों पर लेवल के लिए पिलर बना दिए गए हैं। कॉरिडोर क्षेत्र में नक्शे के अनुसार, जहां निर्मल मठ है, वहीं धाम का चौक क्षेत्र बनेगा, लेकिन मठ के ध्वस्तीकरण में पेच फंस गया है।
आशंका जताई जा रही है कि टेंडर जारी होने तक भी मठ का ध्वस्तीकरण नहीं हो सकेगा। वहीं, सरस्वती फाटक से ढुंढिराज प्वाइंट तक दो दर्जन से अधिक मकानों के ध्वस्तीकरण का मामला भी नहीं सुलझा है। हालांकि अधिकारियों का कहना है कि अधिकांश से बातचीत अंतिम दौर में चल रही है।