यूपी पुलिस एक तरफ जहां बहादुरी का उदाहरण पेश कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ पुलिसकर्मियों में बढ़ी संवेदनशीलता के तमाम वाकए भी देखने को मिल रहे हैं। बीते दो माह में वाराणसी क्षेत्र में ही ऐसे कई मामले सामने आए जहां यूपी पुलिस के अधिकारी या सिपाही ने मानवता की मिसाल पेश की। ताजा मामला रविवार का है जहां डायल 100 के एक सिपाही ने मानवता और बहादुरी दिखाते हुए किशोरी की जान बचाई। आगे की स्लाइड्स में देखें..
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यूपी पुलिस
अक्सर लोग कहते दिखते हैं कि पुलिसवाले किसी का दुख-दर्द नहीं समझते। यूपी पुलिस के प्रति लोगों का यह नजरिया आम है। अपने आपको मित्र पुलिस कहने वाली यूपी पुलिस का समय-समय पर निर्मम चेहरा सामने आता है, बावजूद इसके कभी-कभी कोई पुलिस अधिकारी या सिपाही का एक ऐसा मानवता भरा चेहरा आता है जिसे देख आप भी कहने लगते हैं कि क्या ये वही यूपी पुलिस है।
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varanasi
- फोटो : अमर उजाला
रविवार को वाराणसी के रोहनिया थाना अंतर्गत सागरपुर दरेखू निवासी नीतू (16) गांव के बाहर पुराने कुएं में दुर्घटनावश गिर गई। सूचना पर रोहनिया इंस्पेक्टर और फायर ब्रिगेड के कर्मचारी पहुंचे लेकिन किसी की कुएं में उतरने की हिम्मत नहीं हुई। इसी बीच मौके पर पीआरवी से आए सिपाही सौरभ कुशवाहा ने बिना जान की परवाह किए रस्सी लेकर कुएं में उतरे और नीतू को बाहर निकाला।
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- फोटो : अमर उजाला
इससे पहले छह मई को वाराणसी कैंट स्टेशन पर तैनात महिला सिपाही ने मानवता की मिसाल पेश की थी। ट्रेन से उतरते ही एक महिला यात्री की अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। ड्यूटी पर तैनात महिला सिपाही से वृद्ध महिला का तड़पना ना देखा गया और उसने तुरंत एंबुलेंस सेवा व डॉक्टरों को फोन किया। फिर भी बात नहीं बनी तो वह आरएमएस की ट्रॉली पर वृद्ध महिला को लादकर स्वयं ट्राली खींचने लगी। जब यात्रियों ने यह नजारा देखा तो वह भी मदद को आगे आए।
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- फोटो : अमर उजाला
तीन मई को वाराणसी एसएसपी आरके भारद्वाज बुजुर्ग दिव्यांग की मदद कर चर्चा में आए थे। दरअसल, पुलिस ऑफिस में फरियाद लेकर जा रहे बुजुर्ग दिव्यांग को पैदल चलने में आ रही कठिनाई देख एसएसपी ने अपनी स्कार्पियो रोक कर उसकी मदद की थी। उन्होंने बुजुर्ग की समस्याएं सुनीं और एसओ शिवपुर को समाधान का निर्देश देकर उनके जाने के लिए वाहन की व्यवस्था भी कराई।
पांच मई को वाराणसी कैंट स्टेशन पर एक सिपाही ने ऐसा किया था जो सुर्खियों में रहा था। कैंट रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 8 पर एक ट्रेन में सवार व्यक्ति खून की उल्टी करने लगा। सिपाही चलती ट्रेन में ही चढ़ गया और मरीज को पीठ पर लाद कर फुट ओवर ब्रिज से चढ़कर परिसर में बने स्वास्थ्य केंद्र पर ले गया।