जैन समाज की ओर से भगवान बाहुबली के महामस्तकाभिषेक की तैयारियां देश भर में चल रही हैं। उत्तर प्रदेश से 10 हजार से अधिक जैन समाज के लोग इसमें प्रतिभाग करने के लिए रवाना होंगे। आगे की स्लाइड्स में देखें..
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महामस्तकाभिषेक महोत्सव का आयोजन 17 से 25 फरवरी तक किया जाएगा। यह जानकारी श्री दिगंबर जैन महासमिति के महामंत्री जीवेंद्र जैन ने नरिया स्थित दिगंबर जैन मंदिर में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान दी।
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महामंत्री ने कहा कि जैन समुदाय को अल्पसंख्यक का दर्जा तो मिल चुका है लेकिन अभी उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक आयोग में जैन समाज के प्रतिनिधित्व का प्रयास किया जा रहा है।
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जैन समाज की ओर से स्वच्छता अभियान और महिला सशक्तिकरण के लिए भी प्रयास किए जा रहे हैं। राजस्थान और महाराष्ट्र में महिलाओं की संस्था बनाकर यह कार्य शुरू किया जा चुका है।
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कर्नाटक के मैसूर शहर में स्थित श्रवणबेलगोला वह पवित्र स्थान है जहां प्रथम तीर्थंकर भगवान ऋषभदेव के पुत्र बाहुबली ने मोक्ष प्राप्त किया था। मैसूर शहर से 84 किमी दूर स्थित श्रवणबेलगोला में मोक्ष प्राप्त करने वाले पहले तीर्थंकर हैं। यहां श्रवणबेलगोला नामक कुंड पहाड़ी की तराई में स्थित है।
बाहुबली जैन समुदाय के लोगो के बीच एक आदरणीय नाम है, वे जैन धर्म के पहले तिर्थंकार और ऋषभनाथ के बेटे थे। कहा जाता है की उन्होंने एक साल तक पैरो पर खड़े होकर ही स्थिर तपस्या की थी इस समय उनके पैरो के आस-पास के काफी पेड़ भी बड़े हो गए थे।