सितारा देवी
समाज की पाबंदियों से लड़कर कथक को दुनिया भर में मशहूर किया
12 साल की अवस्था में जब बॉलीवुड वाले उन्हें लेने आए तो उसके बाद मां ने 96 साल की अवस्था तक कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा। धन्नो से सितारा देवी बनने की कहानी के पीछे मां की तपस्या, त्याग, समर्पण और गुस्सा भी था। गुस्सा उन पर जिन्होंने उनके नृत्य पर उनके पिता के साथ दुर्व्यवहार किया। उन्होंने उस गुस्से को अपनी ताकत बनाया। देश ही नहीं विदेश में सितारा देवी के नृत्य की चमक बिखरी।