पैगंबर ए हजरत मोहम्मद की पैदाइश पर की गई दुआख्वानी।
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फज्र की नमाज के बाद मस्जिदों में कुरआनख्वानी हुई और महफिल सजाई गई। रेवड़ी तालाब नगीना वाली मस्जिद के मैदान में कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करते हुए जलसा आयोजित हुआ। इस दौरान वक्ताओं ने कोरोना संक्रमण से बचाव के लिए सोशल डिस्टेंस और साफ-सफाई बरतने की बात कही। इस दौरान मौलाना जमील अहमद, मौलाना डॉ. शफीक अजमल, मौलाना डॉ. कमालुद्दीन, मौलाना अबू शहमा, मौलाना तारिक अंजुम आदि ने तकरीर की। मोहम्मद जकी रजवी ने नातिया कलाम पेश किया। रातभर नातिया कलाम पेश करने का सिलसिला चलता रहा।