पुलिस का मानना है कि चार नवंबर की रात लगभग 12 बजे राजेंद्र की गोली मार कर हत्या की गई। इसके बाद राजेंद्र के भदैनी स्थित घर और आसपास के लोगों की गतिविधियों से भलीभांति वाकिफ शूटरों ने पांच नवंबर की सुबह राजेंद्र की पत्नी और तीनों बच्चों की गोली मार कर हत्या की।
वाराणसी सामूहिक हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। परिवार के मुखिया राजेंद्र गुप्ता की हत्या सबसे पहले रात में ही कर दी गई थी। इसके बाद बाकी परिवार के चार लोगों की हत्या की गई थी। पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ है। उधर, राजेंद्र के भतीजे विशाल उर्फ विक्की का अभी तक कुछ पता नहीं चल पाया है। उसी पर इन पांच लोगों की हत्या कराने का शक है। पुलिस उसी दिशा में जांच भी कर रही है। उसकी तलाश में पुलिस की एक टीम अहमदाबाद में है। अहमदाबाद पहुंची पुलिस को यह जानकारी मिली है कि साफ्टवेयर डेवलपर विशाल ने अपने दोस्तों को बताया था कि उसका ट्रांसफर किसी दूसरी जगह हो गया है। इसलिए वह अब कंपनी छोड़ रहा है। इसके साथ ही उसने अहमदाबाद का अपना फ्लैट 20 अक्तूबर को खाली कर दिया था।
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रात में राजेंद्र और सुबह बाकी चार की हत्या
पुलिस की जांच के क्रम में यह बात भी सामने आई है कि पांच नवंबर की सुबह नीतू ने अपने घर का पानी वाला मोटर स्टार्ट किया था। रोजाना सुबह वही पानी वाला मोटर स्टार्ट करती थी। पुलिस का मानना है कि चार नवंबर की रात लगभग 12 बजे राजेंद्र की गोली मार कर हत्या की गई। इसके बाद राजेंद्र के भदैनी स्थित घर और आसपास के लोगों की गतिविधियों से भलीभांति वाकिफ शूटरों ने पांच नवंबर की सुबह राजेंद्र की पत्नी और तीनों बच्चों की गोली मार कर हत्या की।
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चार नवंबर की रात मां-बच्चे पिक्चर देख कर आए थे
पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि चार नवंबर की रात एक बजे नीतू अपने तीनों बच्चों के साथ पिक्चर देख कर घर आई थी। जबकि राजेंद्र मीरापुर रामपुर स्थित अपने निर्माणाधीन मकान में रात नौ बजे तक पहुंच गया था। भदैनी स्थित राजेंद्र के घर से सौ मीटर की दूरी पर लगे सीसी कैमरों की फुटेज से भी पुलिस को अब तक कोई खास मदद नहीं मिल पाई है।
एमसीए पास विशाल की योजना के सामने पुलिस फेल
पुलिस के अनुसार, एमसीए उत्तीर्ण विशाल ने बेहद सुनियोजित तरीके से वारदात को अंजाम दिया है। वह जानता था कि वारदात के बाद मोबाइल नंबर उसकी गिरफ्तारी में अहम भूमिका निभा सकते हैं। इसलिए वह 24 अक्तूबर से ही अपने सारे मोबाइल नंबर स्विच्ड ऑफ कर लिया था। 24 अक्तूबर को ही आखिरी बार विशाल ने अपने बैंक खाते से पैसा निकाला था। जो भी वारदात को अंजाम देने आए, वह ऐसे आए कि किसी सीसी कैमरे में कैद नहीं हुए। पुलिस को यह भी आशंका है कि शूटर राजेंद्र के यहां किराये पर कमरा लेकर कहीं न रहे हों। कारण की भदैनी स्थित राजेंद्र के घर और उससे सटे टिनशेड में 45 से ज्यादा किरायेदार रहते हैं।
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पुलिस की बड़ी नाकामी, लेकिन कार्रवाई एक पर नहीं
एक परिवार के पांच लोगों की नृशंस हत्या की गई। वारदात के पांचवें दिन शनिवार को भी पुलिस अंधेरे में ही तीर चलाती दिखी और कोई ठोस सुराग हाथ नहीं लगा। इसके बावजूद कमिश्नरेट के अफसरों के स्तर से भेलूपुर थानाध्यक्ष, अस्सी चौकी प्रभारी, रात्रि अधिकारी के पद पर तैनात दरोगा और संबंधित क्षेत्र के फैंटम दस्ते के सिपाहियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। यह बात पुलिस महकमे में ही चर्चा का विषय बनी हुई है।
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वाराणसी में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की हत्या
वाराणसी में एक ही परिवार के पांच सदस्यों की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी। भदैनी इलाके में एक बहुमंजिला मकान के अलग-अलग तल से मंगलवार को एक महिला, उसके दो बेटों और एक बेटी का शव मिला था। जबकि घटनास्थल से लगभग 14 किलोमीटर दूर मीरापुर रामपुर स्थित निर्माणाधीन मकान में महिला के पति का अर्धनग्न शव बेड पर मिला। उसे भी गोली मारी गई थी। पांचों की कनपटी और सीने में गोली मारी गई थी।
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दोनों ही घटनास्थल से मिले खोखा के आधार पर पुलिस दावा कर रही है कि पांचों लोगों की हत्या में .32 बोर की पिस्टल का इस्तेमाल किया गया। पुलिस पुराने विवाद और घटनाओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। परिवार के मुखिया मृत राजेंद्र पर अपने पिता, छोटे भाई और उसकी पत्नी के साथ ही एक चौकीदार की हत्या का आरोप था।
फ्लैट में रहता था राजेंद्र गुप्ता का परिवार
जानकारी के अनुसार, भदैनी पावर हाउस के सामने की गली में राजेंद्र गुप्ता (56) का पांच मंजिला (भूतल और चार मंजिला) मकान है। मकान के अगले हिस्से में प्रथम, द्वितीय और तृतीय तल पर राजेंद्र का एक-एक फ्लैट है। जबकि, अन्य फ्लैट और उससे सटे टिनशेड में 40 किरायेदार रहते हैं। राजेंद्र के साथ घर में मां शारदा देवी के अलावा उसकी दूसरी पत्नी नीतू (45), बेटे नमनेंद्र (24) व सुबेंद्र (15) और बेटी गौरांगी (17) रहते थे।
सफाई करने वाली आई तो हुआ हत्याकांड का खुलासा
मंगलवार की सुबह 11 बजे घर की सफाई करने के लिए रीता देवी प्रथम तल स्थित फ्लैट पर पहुंची। दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई आवाज नहीं आई। इस बीच रीता ने धक्का दिया तो दरवाजा खुल गया। अंदर जाने पर रीता ने देखा कि नीतू फर्श पर खून से लथपथ निढाल पड़ी थी। वह भाग कर दूसरे तल पर स्थित फ्लैट में गई तो वहां एक कमरे में नमनेंद्र फर्श पर खून से लथपथ पड़ा था और गौरांगी एक कोने में मृत पड़ी थी।
वहीं, सुबेंद्र का शव बाथरूम में मिला। सूचना पाकर पुलिस पहुंची तो राजेंद्र घर पर नहीं था। राजेंद्र के मोबाइल नंबर को पुलिस ने सर्विलांस की मदद से ट्रैक करना शुरू किया तो उसकी लोकेशन मीरापुर रामपुर गांव में मिली। पुलिस वहां पहुंची तो निर्माणाधीन मकान के एक कमरे में मच्छरदानी लगे बिस्तर पर राजेंद्र निढाल पड़ा था।
हत्या, दो शादी और एक महिला से करीबी
पुलिस के अनुसार, राजेंद्र पर उसके पिता व एक चौकीदार के साथ ही छोटे भाई व छोटे भाई की पत्नी की हत्या का आरोप था। ये घटना वर्ष 1997 की है। इसी आरोप में राजेंद्र जेल भी गया था। पुलिस के मुताबिक, राजेंद्र ने दो शादी की थी। हाल के दिनों में एक अन्य महिला से भी उसकी करीबी बढ़ी थी। राजेंद्र की पहली पत्नी अपने बेटे के साथ कई साल से पश्चिम बंगाल के आसनसोल रहती है।