काशी में गंगा तट पर चार नवंबर की शाम देवलोक की निराली छटा दिखेगी। मौका होगा, देव दीपावली महोत्सव का। प्राचीन शहर के इस विश्वप्रसिद्ध दीपोत्सव को निहारने के लिए देश दुनिया से सैलानी उमड़ेंगे। लाखों दियों की रोशनी में नहाये घाटों का आकर्षण देखते ही बनता है। इस दिन काशी की धरा पर स्वर्ग उतरता है। देवताओं की इस दीपावली के लिए काशी के घाट सजकर तैयार हो गए हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
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- फोटो : facebook
देवता इस दीपावली को क्यों मनाते हैं इसके पीछे कई कहानियां हैं। कहते हैं भगवान शिव ने जब त्रिपुरासुर नामक दैत्य का वध किया तब स्वर्ग में देवताओं ने दीपावली मनाई थी और तभी से हम इस पर्व को देव दीपावली के रूप में मनाते हैं। इसके आलावा मान्यता है कि इस दिन 33 करोड़ देवता पृथ्वी पर आये थे, उनके स्वागत में देवदीपावली मनाई गई और तब से चली आ रही इस परम्परा का निर्वाह आज भी होता है।
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- फोटो : अमर उजाला
दीपावली के बाद कार्तिक पूर्णिमा के दिन बनारस के घाटों पर मानाई जाने वाली इस देवदीपावली के लिए हफ्ते भर से घाटों के रंग रोगन, तरह तरह के फूल माला से सजाने की कवायद शुरू हो गई थी। बनारस के घाट देवताओं की इस परम्परा को निभाने के लिये अब सज कर तैयार है। कल सुरसरि के तट पर महाउत्सन मनेगा। काशी के विभिन्न घाटों पर विविध प्रकार का आयोजन होगा।
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- फोटो : अमर उजाला
अमर वीर योद्धाओं में सुकमा विस्फोट में शहीद पारस नाथ सरोज, शहीद साहेब शुक्ला, पंथा चौक श्रीनगर में शहीद हुए रवींद्र सिंह को उनके त्याग, बलिदान के लिए भगीरथ शौर्य सम्मान से नवाजा जाएगा। इस मौके पर 21 ब्राह्मणों के अलावा रिद्धि-सिद्धि के रूप में 42 देव कन्याओं की ओर से चंवर डुलाकर गंगा की महाआरती की जाएगी। 11 हजार दीप सजाए जाएंगे। यहां तीन एलईडी स्क्रीन लगाई गई है।
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- फोटो : अमर उजाला
इसी तरह शीतला घाट पर हजारों टिमटिमाते दीपों के बीच गंगा की महाआरती का अनुपम नजारा होगा। 21 बटुक और 42 देव कन्याएं आरती करेंगी। यहां बतौर मुख्य अतिथि महिला एवं परिवार कल्याण, पर्यटन मंत्री रीता बहुगुणा जोशी होंगी। कर्नाटक संगीत की जानी मानी गायिका संगीता कट्टी कुलकर्णी और विजय वशिष्ट का गायन होगा।
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- फोटो : amar ujala
बनारस के घाटों पर देव दीपावली की ऐसी छटा होती है कि उसे देखने के लिये बड़ी मात्रा में पर्यटक आते हैं जो नाव पर बैठ कर इस अनूठे दृश्य का नजारा लेते हैं और इसे अपने कैमरे में कैद करते हैं। आम दिनों में जिस नाव से आप बनारस के घाट 500 से 1000 रुपये में घूम सकते हैं, वो देव दीपावली के दिन 5000 से दो लाख तक देने पड़ सकते हैं.
बनारस की पहचान बन चुकी देव दीपावली का बनारस के पर्यटन में भी बड़ा योगदान है। बनारस में तकरीबन 600 होटल हैं। इसके अलावा सैकड़ों छोटे होटल, लॉज हैं जो घाट के किनारे, गलियों और मुख्य शहर में हैं। देव दीपावली के आसपास ये सभी होटल और लॉज न सिर्फ खचाखच भरे रहते हैं, बल्कि प्रीमियम रेट पर इनकी बुकिंग होती है.