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वाराणसी में रौद्र रूप की ओर बढ़ रहीं गंगा, चेतावनी स्तर से रह गई मात्र इतनी दूरी

Tue, 11 Sep 2018 10:44 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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flood - फोटो : amar ujala
बनारस में गंगा धीरे-धीरे अब अपनी रौद्र रूप की ओर बढ़ रही हैं। केन्द्रीय जल आयोग के अनुसार गंगा तीन सेमी प्रति घंटे के हिसाब से बढ़ रही हैं। इससे सोमवार की शाम पांच बजे तक चेतावनी स्तर से मात्र 84 सेमी ही दूर थीं। ऐसी स्थिति वह मंगलवार को चेतावनी स्तर को पार करके खतरे की ओर बढ़ने लगेंगी। इस गति से अगर गंगा के जलस्तर में बढ़ाव हुआ तो जल्द ही बस्तियों में तबाही शुरू हो जाएगी। आगे की स्लाइड्स में देखें...

 
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flood - फोटो : amar ujala
सोमवार को सामने घाट और कोनिया, विजयीपुरा में बाढ़ का पानी घुसने लगा है। गंगा का जलस्तर शनिवार की शाम जहां 68.57 मीटर ही था, वहीं 48 घंटे में ही लगभग एक मीटर जल स्तर बढ़ गया है और सोमवार को यह आंकड़ा 69.42 पर पहुंच गया है। जबकि आयोग के मानकों के अनुसार चेतावनी का लेबल 70.26 है। 

 
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flood - फोटो : amar ujala
वहीं गंगा अभी चेतावनी स्तर से मात्र 84 सेमी ही नीचे हैं और लगातार तीन सेमी बढ़ते जलस्तर से मंगलवार की शाम तक चेतावनी के लेबल को पार कर वह खतरे के निशान 71.26 की ओर बढ़ने लगेंगी। चेतावनी के लेबल तक पहुंचने में ही गंगा और उसी सहायक नदी वरूणा दोनों बस्तियों में घुसना शुरू कर दी हैं। इससे लोगों की परेशानियां बढ़ गई हैं।

 

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flood - फोटो : amar ujala
सामने घाट क्षेत्र के पटेल नगर नाले से होते हुए, हरिओम नगर, जानकी नगर, कृष्णा नगर, रत्नाकर विहार और मारूती नगर और गायत्री नगर डूबेगा। वहीं नगवां नाले से पानी भरने पर गंगात्री विहार से लेकर नगवां हरिजन बस्ती, डुमराव बाग कॉलोनी, साकेत नगर, रोहित नगर, केवल्य धाम पानी की चपेट में सबसे पहले आने वाले इलाके हैं, जहां के लोग सतर्क हो गए हैं।

 
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flood - फोटो : amar ujala
उधर, वरुणा नदी के किनारे रहने वाले लोगों की दुश्वारियां बढ़ती चली जा रही हैं। घटाव के बाद अब वरुणा दोबारा तेजी से बढ़ रही है। सोमवार को तटवर्ती इलाकों का संपर्क एक दूसरे से पूरी तरह टूट गया। और लोगों के घरों में पानी लगातार बढ़ते जा रहा है। कई लोग मकान खाली कर परिवार के साथ अन्यत्र को चले गए हैं। वहीं कई लोग जैसे तैसे बाढ़ के पानी के बीच अपना गुजर बसर कर रहे हैं। 

 
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flood - फोटो : amar ujala
नक्खी घाट से लेकर कोनिया तक बाढ़ के दुश्वारियों का जाल फैला हुआ है। बाढ़ के पानी के बीच फंसे लोगों के बीच महामारी जैसी बीमारियों के फैलने का खतरा भी है। बाढ़ के पानी में बहकर कूड़े के साथ ही कई जलीय जीव और जानवरों के शव तक पहुंच गए हैं। इससे दुर्गंध से लोगों का रहना दूभर हो गया है। स्वास्थ्य विभाग और नगर निगम की कोई टीम नहीं पहुंची है। 

 
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flood - फोटो : amar ujala
बाढ़ के पानी से घिरे दिनदयालपुर के लोगों ने बताया कि हम लोगों के मकान का निचला हिस्सा तक पूरी तरह से जलमग्न हो चुका है। बाढ़ में बह कर आई गंदगी की वजह से उनका सांस लेना भी दूभर है। 

 
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कोनिया घाट और विजईपुरा इलाके को वरुणा ने अपने चपेट में ले लिया है। नदी किनारे रहने वाले सैकड़ों लोगों ने अपना मकान खाली कर दिया है। उन्होंने बताया कि बाढ़ में जरूरत के सामानों को लाने की कोई व्यवस्था प्रशासन की ओर से नहीं की गई है। घर में बूढ़े, बच्चे और बीमार लोगों को सबसे ज्यादा दिक्कतें हो रही हैं।
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