वाराणसी में मंगलवार की शाम को घटी घटना ने सक्रिय यूपी पुलिस की एक बार फिर से धज्जियां उड़ा कर रख दी है। वारदात के एक घंटे बाद सूचना मिली तब पुलिस पहुंची जबकि घटना स्थल से चंद कदम की दूरी पर ही पुलिस पिकेट है। घटना को अंजाम भी दिया गया चौबीसों घंटे व्यस्त रहने वाले लंका, बीएचयू गेट के पास। दो बदमाश बड़े ही फिल्मी अंदाज में एटीएम के सामने खड़ी कैश वैन से 26.5 लाख रुपये लूट कर फरार हो जाते हैं। लोग देखते हैं लेकिन कुछ कर नहीं पाते। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
विज्ञापन
2 of 8
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
दो दिन पहले मुगलसराय में एटीएम कैश वैन से 38 लाख रुपये उड़ाए जाने का मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा कि मंगलवार की शाम चौबीसों घंटे व्यस्त रहने वाले लंका, बीएचयू गेट के पास बदमाशों ने सरेआम 26.5 लाख रुपये लूटकर दहशत फैला दी। यहां दो बदमाशों ने यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम के सामने खड़ी कैश वैन का गेट खोलकर वारदात को अंजाम दिया। रुपयों से भरा बॉक्स लूटकर पैदल ही भाग निकले। घटना के एक घंटे बाद सक्रिय हुई पुलिस ने शहर से हाईवे तक चेकिंग कराई लेकिन बदमाश पकड़ में नहीं आए।
विज्ञापन
3 of 8
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
लंका स्थित यूनियन बैंक ऑफ इंडिया के सामने एटीएम कैश वैन से 26.5 लाख से लूटे जाने के मामले में कई स्तर पर हुई चूक ने तफ्तीश में खासी दिक्कतें पैदा की। सबसे पहली और बड़ी चूक कैश वैन कर्मचारियों से यह हुई कि वारदात लगभग 6:30 बजे हुई और पुलिस को सूचना 7:30 बजे के लगभग दी गई। वहीं, पुलिस की लापरवाही का आलम यह रहा लंका भर में कैश वैन से रुपये लेकर भागने का शोर हो गया लेकिन चंद कदम दूर पर मालवीय चौराहा स्थित पिकेट पर तैनात पुलिसकर्मियों को भनक तक नहीं लगी।
4 of 8
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
इस एक घंटे की देरी के कारण बदमाश पुलिस से काफी दूर निकल गए और चेकिंग तकरीबन सवा घंटे बाद शुरू हो सकी। कर्मचारियों का कहना था कि वैन में एक करोड़ से ज्यादा रुपये थे। उनका मिलान करने की वजह से पुलिस को सूचना देने में देरी हुई। पुलिस की तफ्तीश के दौरान और सीसीटीवी फुटेज से सामने आया कि एटीएम में कैश भरने के लिए कर्मचारी आशीष व विपर्व और दोनों सुरक्षाकर्मी भरने चले गए तो वैन के पास कोई नहीं था। जबकि नियमानुसार चालक और एक गन मैन वैन के पास ही होना चाहिए।
विज्ञापन
5 of 8
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
वहीं, युवक ने जिस तरह से वैन का दरवाजा खोला उससे साफ पता लगा कि वो लॉक नहीं था और अंदर भी सुरक्षा की कोई व्यवस्था नहीं थी। नियम के अनुसार वैन का दरवाजा लॉक होना चाहिए और उसके अंदर भी सुरक्षा में ही कैश बॉक्स होना चाहिए। वहीं, घटना के संबंध में चालक, दोनों गार्ड सहित पांचों कर्मचारियों के अलग-अलग बयान भी पुलिस को खासा उलझाते रहे। सभी खुद को निर्दोष और एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे थे। पुलिस हिरासत में लिए गए पांचों कर्मचारियों के पारिवारिक, सामाजिक और आपराधिक विवरण जुटाने में लगी हुई थी।
विज्ञापन
6 of 8
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
मुगलसराय रेलवे स्टेशन के वाहन स्टैंड पर पुलिस की चेकिंग के दौरान एक ऑटो से 10 लाख रुपये से अधिक नगदी की बरामदगी और दक्षिण भारत निवासी चार युवकों के पकड़े जाने के बाद पूछताछ के लिए आईजी रेंज दीपक रतन के अलावा वाराणसी पुलिस की एक टीम वहां पहुंची।
विज्ञापन
7 of 8
varanasi
- फोटो : अमर उजाला
एटीएम की रेकी कर उसके सामने खड़ी कैश वैन से कैश बॉक्स लेकर भागने के काम में तमिलनाडु के तिरुचिरापल्ली की गैंग खासी माहिर है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस गैंग के लोग किसी भी शहर में पैदल ही अलग-अलग समूहों में घूमते हैं। इनके पास पेचकश और इसी तरह के उपकरण होते हैं। बाइक या किसी अन्य वाहन के बगैर पैदल चलने वाले इस गैंग के लोग पहले रेकी करते हैं और फिर वारदातों को अंजाम देते हैं। वारदातों को अंजाम देने के बाद इस गैंग के लोग शहर बदलने के लिए रेलवे स्टेशन की ओर भागते हैं।
यूनियन बैंक के सामने खड़ी कैश वैन से 26.5 लाख रुपये लेकर भागने की वारदात को रेकी के बाद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। कैश वैन के समीप गोलगप्पा का ठेला लगाकर खड़े मोहित ने आईजी रेंज, एसएसपी और एसपी सिटी को बताया कि पहले एक युवक उसके पास आया और गोलगप्पा के लिए प्लेट देने को कहने लगा। इस दौरान उसने गोलगप्पा खाया तो नहीं लेकिन बातों में ही उलझाए रखा। इसी दौरान दूसरा युवक आया और ड्राइवर की विपरीत दिशा की तरफ के वैन के गेट को खोला और बंद कर आगे बढ़ गया। इसके तुरंत बाद वो फिर लौटा और वैन का दरवाजा खोलकर अंदर घुसा। बेहद ही आसानी से उसने सीट को आगे किया और फिर दोनों पैदल ही भाग निकले।