यूपी बोर्ड की परीक्षाओं का परिणाम आने वाला है। इसे लेकर परीक्षार्थियों की टेंशन बढ़ गई है, वहीं अभिभावक भी रिजल्ट को लेकर चिंतित हैं। बोर्ड परीक्षा को लेकर परीक्षार्थी खासा तनाव में रहते हैं। बोर्ड परीक्षा को आगे के कॅरियर से जोड़कर देखते हैं। ऐसे में रिजल्ट को लेकर तनाव होना लाजमी हैं। ऐसी हालत में मनोवैज्ञानिकों ने परीक्षार्थियों और के लिए कुछ उपाय सुझाए हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
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यूपी बोर्ड की परीक्षाएं
- फोटो : अमर उजाला
यूपी बोर्ड की परीक्षाएं छह फरवरी से शुरू होकर 12 मार्च तक संचालित की गई थीं। इसमें हाईस्कूल के 60,627 और इंटरमीडिएट में 53,590 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। इसमें तकरीबन दस हजार परीक्षार्थियों ने परीक्षा छोड़ दी थी। परीक्षाओं का परिणाम 29 अप्रैल को घोषित होगा।
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UP board result
मनोवैज्ञानिक डॉ. अजय तिवारी कहते हैं कि परिणाम को लेकर जितना विद्यार्थी परेशान हैं उससे कहीं ज्यादा अभिभावक चिंतित हैं, यही बच्चों के तनाव की असल वजह भी बनती है। अभिभावकों को समझना चाहिए कि ये बच्चे की परीक्षा का रिजल्ट है, उसके जीवन का नहीं।
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रिजल्ट के बाद खुशी मनाते छात्र
- फोटो : अमर उजाला
अभिभावक बच्चों के रिजल्ट को लेकर उत्साहित हों, उत्तेजना न दिखाएं। उन्हें ये समझना होगा कि ये परीक्षा का रिजल्ट है, ना कि उनके जीवन का।
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UP Board Exam
अगर परिणाम अच्छा है तो शाबासी दें, अगर खराब हुआ है तो रिजल्ट को खुद स्वीकारें और बच्चे को स्वीकार करने के लिए प्रेरित करें। अगले साल और बेहतर करने का मनोबल बढ़ाएं।
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up board
- फोटो : amar ujala
आजकल बच्चे हर चीज को भावनाओं पर ले लेते हैं। ऐसे में अभिभावक रिजल्ट को लेकर न खुद तनाव में रहें ना उन्हें लेने दें। प्रेम से समझाएं।