बनारस के चार चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल अव्यवस्था के सिग्नल साबित हो रहे हैं। तीन दिन बीत चुके हैं मगर इन चौराहों पर जेब्रा लाइन नहीं बनाई गई हैं। वाहन चालक समझ नहीं पाते कि लाल बत्ती होने पर कहां रुकना है और वे चौराहे तक आगे बढ़े चले आते हैं। पैदल यात्रियों के लिए जगह नहीं बनती और वे वाहनों के बीच से गुजरते हैं। आगे की स्लाइड्स में देखें...
विज्ञापन
2 of 7
traffic
- फोटो : अमर उजाला
स्मार्ट सिटी प्लान के तहत शहर के चौराहों पर ट्रैफिक सिग्नल लगाने की योजना पर मार्च से काम चल रहा है। इसके बावजूद रथयात्रा, सिगरा, मलदहिया चौराहे और साजन तिराहा पर ट्रैफिक सिग्नल शुरू करने से पहले व्यवस्था की खामियों पर न ध्यान दिया गया और न इन्हें दूर किया गया।
विज्ञापन
3 of 7
traffic
- फोटो : अमर उजाला
इसका नतीजा है कि सुधार की जगह व्यवस्था और खराब हो गई। इन चौराहों के आसपास और रास्ते में जाम की स्थिति है।
4 of 7
traffic
- फोटो : अमर उजाला
संयुक्त नगर आयुक्त और स्मार्ट सिटी के प्रभारी रमेशचंद्र सिंह भी मानते हैं कि ट्रैफिक सिग्नल की टाइम सेटिंग सही न होने से जाम की स्थिति बन रही है। ट्रैफिक पुलिस की ओर से नई व्यवस्था के लिए न तो सही पूर्व प्लानिंग दिखी और न ही कोई होमवर्क किया गया। चारों चौराहों से हर मिनट गुजरने वाले ट्रैफिक का सही अनुमान तक नहीं लिया गया।
विज्ञापन
5 of 7
traffic
- फोटो : अमर उजाला
अगर ऐसा किया जाता तो ट्रैफिक सिग्नल की टाइम सेटिंग हर तरफ दो मिनट की जगह, ट्रैफिक के अनुसार कम ज्यादा पहले दिन से ही सेट की जा सकती थी। ट्रैफिक सिग्नल शुरू करने से पहले सड़क पर जेब्रा लाइन की मार्किंग हो जानी चाहिए, इस पर भी ट्रैफिक अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया।
विज्ञापन
6 of 7
traffic
- फोटो : अमर उजाला
जेब्रा लाइन न होने से हालात यह हैं कि वाहन चालक चौराहे तक बढ़े चले आते हैं और वहां तैनात पुलिस कर्मी डांट डपट कर लोगों को रोकते हैं। ट्रैफिक अधिकारियों की प्लानिंग सही न होने की वजह से वाहन चालक डांट खाने को विवश हैं।
एसपी ट्रैफिक सुरेश चंद्र रावत का कहना है कि ट्रैफिक सिग्नल्स की टाइम सेटिंग फिर से की जा रही है। एक दो दिन में यह काम पूरा हो जाएगा। जेब्रा लाइन बनाने का काम कई विभागों के समन्वय से होना है। इन्हें जल्द बनवाने की कोशिश की जाएगी।