रूप कुमार राठौर, मालिनी अवस्थी और रिवा राठौर की 'छाप तिलक सब छीनी रे मोसे...' पेश कर कार्यक्रम का समापन किया। संगत कलाकारों में तबले पर असरार अहमद, कीबोर्ड पर अजहर हुसैन, अश्विन रोकाड़े, गिटार पर सुशांत शर्मा, बांसुरी पर भाष्कर दास, आक्टो पैड पर हर्ष रहे। इसके पूर्व उपशास्त्रीय गायिका मालिनी अवस्थी ने अप्पाजी को नमन करते हुए ठुमरी राग मिश्र खमाज में 'नाजुक बइयां क्यों मरोडी रे सांवरिया...' से शुरूआत की।