तंबुओं का शहर धर्म, अध्यात्म और संस्कृति के संगम के रूप में दिखेगा। सूर्य उदय के साथ यहां घंट घड़ियालों की आवाज के साथ ही गंगा आरती होगी। सुबह की शुरुआत लाइव राग के साथ होगी। बनारस घराने के लगभग सभी वाद्य यंत्रों की मधुर धुन पर्यटक सुन सकेंगे। इसमें खास तौर पर शहनाई, सारंगी, सितार, संतूर की धुन और तबले की थाप सुनने को मिलेगी।