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तस्वीरों में अन्नकूट: 511 क्विंटल अनाज से सजी मां अन्नपूर्णा की झांकी, लगे 56 भोग; काशी के मंदिरों में पूजन

Thu, 23 Oct 2025 02:46 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

Varanasi News: काशी नगरी में अन्नकूट के अवसर पर मां अन्नपूर्णेश्वरी, बाबा विश्वनाथ के साथ तमाम मंदिरों में भव्य शृंगार किया गया। लाखों भक्तों ने यहां पूजन-अर्चन के साथ प्रसाद प्राप्त किया।
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अन्नपूर्णा देवी के मंदिर में अन्नकूट शृंगार। - फोटो : अमर उजाला
अन्नपूर्णा मंदिर में मां की सजी अन्नकूट की झांकी और स्वर्णमयी प्रतिमा के दर्शन के लिए बुधवार को भक्तों की रात तक भीड़ रही। मां को 511 क्विंटल अन्नकूट का प्रसाद भोग में अर्पित किया गया। 
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मां अन्नपूर्णा का पूजन करते भक्त। - फोटो : अमर उजाला
पांच दिवसीय स्वर्ण प्रतिमा के दर्शन के आखिरी दिन मंडप में भव्य माता का दरबार अन्न से सजाया गया। मंदिर के महंत शंकर पुरी के आचार्यत्व में वैदिक ब्राह्मणों ने माता का विशेष शृंगार कर आरती उतारी। मां के अन्नकूट शृंगार के दर्शन के लिए रात 11 बजे तक भीड़ रही। भोग आरती के बाद अन्नकूट के प्रसाद के लिए भक्तों का तांता लगा रहा। 
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धर्मसंघ में घर की रसोई में बने प्रसाद से लगा भोग। - फोटो : अमर उजाला
हरिद्वार से आए शिवानंद गिरि ने भक्तों को खुद प्रसाद बांटा। उन्होंने कहा कि मां के अन्नकूट दर्शन करने से भक्त का अन्न भंडार कभी खाली नहीं होता। मंदिर के प्रबंधक काशी मिश्रा ने बताया कि इन पांच दिनों में मां के स्वर्णमयी प्रतिमा के करीब 10 लाख भक्तों ने दर्शन किए।  पूजन में प्रदीप श्रीवास्तव, धीरेंद्र सिंह, राकेश तोमर आदि का सहयोग रहा। 

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अन्नकूट शृंगार ने मोहा भक्तों का मन। - फोटो : अमर उजाला
लड्डुओं से मां अन्नपूर्णा और जय श्रीराम लिखा : लड्ड्ओं से मां अन्नपूर्णा और जय श्रीराम लिखा गया था, जो आकर्षण का केंद्र रहा। भोग में मगदल, बालूशाही, खुरमा, चंद्रकला, काजू बर्फी, काजू बिस्किट, बादाम बर्फी, अंजीर हलवा, बादामहलुवा, मूंग हलुआ, काजू नमकीन, पंचमेवा नमकीन के अलावा पांच प्रकार की दाल, चावल 16 प्रकार के पकौड़े आदि शामिल थे। 
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गणेश भगवान का लगा भोग। - फोटो : अमर उजाला
21 क्विंटल मिठाई से हुआ श्रीविश्वेश्वर महादेव का शृंगार
कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा पर श्री काशी विश्वनाथ धाम में अन्नकूट पर्व का श्रद्धा और भक्तिभाव से मनाया गया। विविध प्रकार के 21 क्विंटल मिष्ठानों से भगवान श्रीविश्वेश्वर महादेव का शृंगार हुआ। दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ रही। छेना, बूंदी के लड्डू, काजू कतली, मेवा के लड्डू तथा अन्य पारंपरिक मिठाइयों से धाम में अन्नकूट की झांकी सजी। 
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दुर्गा मंदिर में प्रसाद बनाते भक्त। - फोटो : अमर उजाला
धाम परिसर पुष्पों, दीपों और सुगंधित धूप से अलंकृत होता रहा। वहीं टेढ़ीनीम स्थित महंत परिवार की ओर से अन्नकूट पर्व पर भगवान विश्वनाथ, माता गौरी एवं गणेश जी की पंचबदन रजत चल-प्रतिमाओं की शोभायात्रा गाजेबाजे के साथ मंदिर पहुंची। भोग आरती के बाद अन्नकूट का प्रसाद वितरण हुआ। 
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माता कूष्मांडा देवी के मंदिर में अन्नकूट शृंगार। - फोटो : अमर उजाला
माता कूष्मांडा का अन्नकूट शृंगार, बही भजन गंगा
कूष्मांडा मंदिर दुर्गाकुंड में अन्नकूट शृंगार हुआ। कलाकारों ने संगीतमय मां की आराधना की। वहीं, माता विशालाक्षी मंदिर में भी माता का अन्नकूट में भी अन्नकूट शृंगार हुआ। महंत पं. कौशल पति द्विवेदी के आचार्यत्व में मां को पंचामृत स्नान कराकर विविध फूलों, नूतन वस्त्र आभूषण से शृंगार हुआ। 

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मां विशालाक्षी देवी मंदिर में अन्नकूट शृंगार। - फोटो : अमर उजाला
भजन संध्या में गीतकार कन्हैया दुबे केडी के संयोजन में कलाकारों ने अन्नकूट महोत्सव को अपने सुरों से सजाया। डॉ. आनंद मिश्रा डॉ. सनीश ज्ञावली, संदीप केवले ने सितार की प्रस्तुति दी। डॉ. ममता टंडन की शिष्या मांडवी सिंह व शांभवी सेठ ने कथक से शिव शक्ति की आराधना और देवी स्तुति की। 

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बाबा का पूजन करते पुरोहित। - फोटो : अमर उजाला
कुमार विनीत ने छप्पन भोग सजाऊंगा मैया मैं तो हर साल आऊंगा मैया..., पारुल नंदा ने अन्नकूट सजा है दरबार तेरी मैया...., बाल कलाकार यथार्थ दुबे ने महिषासुर मर्दिनी स्तोत्र अई गिरी नंदिनी..., अंशिका सिंह ने निमिया के डार मैया... आदि गीतों से माता दरबार में हाजिरी लगाई। चंदन सिंह मधुर, सेजल ठाकुर आदि ने भी भजन पेश किए। महंत पं. विश्वजीत दुबे ने कलाकारों का स्वागत किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ. आलोक शर्मा और संचालन राणा सिंह ने किया।

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अन्नपूर्णा मंदिर में किया गया शृंगार। - फोटो : अमर उजाला
मणि मंदिर में मोटे अनाज से बने लड्डुओं से हुआ अन्नकूट शृंगार
अन्नकूट पर्व पर धर्मसंघ स्थित मणि मंदिर में सामाजिक समरसता और सहभागिता का अनूठा आयोजन हुआ। चार हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने घर की बनी रसोई अपने इष्ट देव को अर्पित कर धनधान्य की कामना की। गृहस्थों ने घर की रसोई में बने विविध पकवानों से ठाकुर जी को भोग अर्पित किया और झांकी सजाई। चार वर्ष पूर्व अन्नकूट पर शुरू सामाजिक सद्भाव को बढ़ाने वाले इस अनूठे आयोजन में भक्तों ने प्रभु को घर की रसोई अर्पित कर खुद को धन्य किया। 

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तैयार हो रहा है 511 क्विंटल अन्नकूट का प्रसाद। - फोटो : अमर उजाला
स्वामी शंकरदेव चैतन्य ब्रह्मचारी महाराज के सानिध्य में मोटे अनाज से बने व्यंजन भी अर्पित किए गए। इसमें मक्का, बाजरा, रागी, कोदो आदि लड्डुओं का भोग लगा। मंदिर के मुख्य मंडप में लड्डुओं से शिवालय बनाया गया था। इस दौरान मंदिर में स्थापित श्रीराम दरबार, नर्वदेश्वर शिवलिंग, द्वादश स्फटिक शिवलिंग, मां अन्नपूर्णा, गणपति, भगवती मां दुर्गा, राधा कृष्ण आदि देव विग्रहों की भी झांकी सजाई गई। पं. जगजीतन पांडेय के आचार्यत्व में देव विग्रहों की भव्य आरती उतारी हुई। 

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माता अन्नपूर्णा का अन्नकूट वाला आकर्षण। - फोटो : Amar Ujala
पंचबदन प्रतिमा का विशेष पूजन
टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास पर बुधवार को बाबा की पंचबदन प्रतिमा का विशेष पूजन हुआ। महंत वाचस्पती तिवारी और पंडित सुशील त्रिपाठी के आचार्यत्व में 11 वैदिक ब्राह्मणों ने मंत्र पढ़े। संजीव रत्न मिश्र (भानू मिश्र) ने विशेष शृंगार किया। डमरुओं की शंखनाद के साथ दक्षिण भारतीय वाद्य नादश्वरम के बीच प्रतिमा की आरती उतारी गई। संजीव रत्न मिश्र गोद में प्रतिमाओं को लेकर कड़ी सुरक्षा के बीच विश्वनाथ मंदिर के लिए रवाना हुए। मंदिर में अन्नकूट का भोग अर्पित कर विधिवत पूजन किया गया।
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कार्यक्रम में मंचासीन लोग। - फोटो : अमर उजाला
सर्व वैश्य समाज के दीपावली मिलन समारोह में बंटा मां लक्ष्मी और अन्नपूर्णा का खजाना
देश के वीर सपूतों को नमन करके सर्व वैश्य समाज के ओर से दीपावली मिलन समारोह मनाया गया। समारोह में मां लक्ष्मी और  मां अन्नपूर्णा के धन धान्य का खजाना भक्तों को बांटा गया। नाटी इमली स्थित एक लॉन में सर्व वैश्य समाज के सभी घटकों, वर्गों और उपवर्गों की सहभागिता रही। कार्यक्रम में शहीदों के नाम भी दीप जलाए गए। राज्यमंत्री रवींद्र जायसवाल ने मां लक्ष्मी की आरती उतारी। 

मंत्री रवींद्र जायसवाल ने कहा वैश्य समाज का स्वर्णिम इतिहास रहा है। हमें समर्पण के साथ देश के निर्माण और विकास में हर संभव योगदान करना होगा। ऑपरेशन सिंदूर की सफलता एवं मातृभूमि पर अपने प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के साथ एक दीप जलाकर हम उनको नमन करते हैं। 

समिति के अध्यक्ष आरके चौधरी ने कहा कि पंच दिवसीय दीपोत्सव का यह पर्व दीपावली हम सनातनियों का एक मुख्य पर्व है। महामंत्री दीपक बजाज ने कहा कि अपना वैश्य समाज आज शिक्षा, सिविल सेवाओं, उद्योग व्यापार आदि क्षेत्रों में अपनी प्रतिभा दिखाते हुए देश की उन्नति में अपना महत्वपूर्ण योगदान दे रहा है। 
समिति की ओर से लकी ड्रा का भी आयोजन किया गया है। 

प्रथम, द्वितीय और तृतीय समेत 50 सांत्वना पुरस्कार दिए गए। इस दौरान समिति के पदाधिकारियों, सभी घटकों के अध्यक्षों, वार्ड कॉर्डिनेटर एवं वैश्य समाज के अंतर्गत अंतरजातीय विवाह करने वाले जोड़ों को रवींद्र जायसवाल ने सम्मानित किया। 

कार्यक्रम में शंकरा बैंड की मनमोहक प्रस्तुति एवं भजनों की धुन पर सभी लोग झूमते गाते नजर आए। संचालन पवन अग्रवाल व महेश चौधरी ने किया। कार्यक्रम में सर्वेश अग्रवाल, उमाशंकर अग्रवाल, सुजीत गुप्ता, सुरेश तुलस्यान, सत्यनारायण सेठ आदि मौजूद रहे।
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