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सोनभद्र नरसंहार : पढ़ें पूरा घटनाक्रम, जिस पर धीरे-धीरे गर्म होती गई सियासत

Sat, 20 Jul 2019 06:31 PM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी/सोनभद्र/मिर्जापुर
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सोनभद्र के घोरावल थानाक्षेत्र के मूर्तिया (उभ्भा) गांव में 17 जुलाई को हुए नरसंहार ने धीरे-धीरे सियासी रंग ले लिया है। बीते बुधवार की दोपहर में सौ बीघा विवादित जमीन को लेकर गुर्जर और गोड़ बिरादरी में खूनी संघर्ष हो गया। इस दौरान फायरिंग के साथ जमकर लाठी-डंडे और फावड़े भी चले। इसमें10 लोगों की मौत हो गई, जबकि 28 लोग घायल हो गए। अब तक इस मामले से जुड़ी जानिए अहम बातें। पढ़ें आगे की स्लाइड्स में...
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सोनभद्र के घोरावल तहसील के उभ्भा गांव में 17 जुलाई को दो पक्षों में वर्षों से जमीनी विवाद में 3 महिलाओं समेत 10 लोगों की हत्या कर दी गई। इसके अलावा 28 लोग घायल हो गए थे। मौके पर फायरिंग होने के साथ लाठी-डंडे और फावड़े भी चलने से गई लोगों की जान और घायल हुए।
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मुख्य आरोपी यज्ञदत्त गुर्जर (गले में गमछा) उसका भाई (सिर पर गमछा)। - फोटो : अमर उजाला
इस खूनी संघर्ष में 18 जुलाई को पुलिस ने मृत रामसुंदर के पुत्र लल्लू की तहरीर पर 28 नामजद, 50 अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कर 29 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इसमें 12 आरोपी बुधवार को ही गिरफ्तार कर लिए गए थे। पुलिस ने दो बंदूक और छह ट्रैक्टर बरामद किए थे।

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इसके बाद 19 जुलाई को प्रशासन ने घोरावल तहसील के उभ्भा गांव में कानून व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका में धारा 144 लागू कर दी। डीएम अंकित कुमार अग्रवाल ने बताया था कि पूरे जिले में 12 सितंबर तक धारा 144 लागू रहेगी। 
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19 जुलाई को आदिवासी नेता एवं पूर्व मंत्री विजय सिंह गोड़ को पुलिस ने कोतवाली में पांच घंटे नजरबंद कर दिया था। पुलिस को सूचना मिली थी कि विजय गोड़ घोरावल तहसील के मूर्तिया(उभ्भा) जाने वाले हैं। पुलिस ने उन्हें सुबह 10 बजे से दोपहर बाद तीन बजे तक कोतवाली में नजरबंद रखा। उनके साथ मूर्ता गांव के प्रधान रामचंद्र गोड़ भी कोतवाली में रहे। तीन बजे के बाद विजय गोड़ को मझौली स्थित घर जाने की इजाजत दी गई। उनके आवास पर पुलिस और पीएसी बल तैनात रही।
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घायलों का हाल जानतीं प्रियंका गांधी - फोटो : अमर उजाला
वहीं, 19 जुलाई को वाराणसी के बीएचयू ट्रामा सेंटर पहुंच कर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने सोनभद्र हत्याकांड में घायलों का हाल जाना। इसके बाद सोनभद्र के उभ्भा गांव में खूनी संघर्ष में मारे गए आदिवासियों के परिजनों से मुलाकात करने जाने लगीं। इस पर दिन में 11.55 बजे मिर्जापुर की रायनपुर पुलिस चौकी के सामने प्रियंका गांधी को हिरासत में लिया गया। एसडीएम के वाहन से चुनार गेस्ट हाउस ले जाई गईं प्रियंका सहित कांग्रेस के 10 नेताओं पर शांतिभंग की आशंका में कार्रवाई की गई। प्रियंका गांधी पीड़ितों के परिवार से मिलन की जिद पर धरने पर बैठ गई थी।
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धरने पर बैठे टीएमसी के नेता - फोटो : अमर उजाला
20 जुलाई, शनिवार को तृणमूल कांग्रेस के सांसद डेरेक ओ ब्रॉयन, सुनील मंडल, अबीरंजन बिस्वास शनिवार को सोनभद्र हत्याकांड के पीड़ितों से मिलने जा रहे थे। तभी वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री एयरपोर्ट पर ही पुलिस ने तीनों को रोक लिया और हिरासत में ले लिया। जिससे नाराज हो कर तीनों नेता एयरपोर्ट पर ही धरने पर बैठ गए। 

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वाराणसी एयरपोर्ट पहुंचे राजबब्बर संग कांग्रेस के वरिष्ठ नेता - फोटो : अमर उजाला
वहीं, मिर्जापुर में प्रियंका गांधी वाड्रा के हिरासत में लिये जाने के बाद उनसे मिलने जा रहे कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राजबब्बर को भी शनिवार दोपहर में वाराणासी एयरपोर्ट पर हिरासत में लिया गया। वाराणसी एयरपोर्ट पर राज बब्बर, जितिन प्रसाद, आरपीएन सिंह, मुकुल वासनिक, राजीव शुक्ला, दीपेंद्र हुड्डा, प्रजानाथ शर्मा समेत कई कांग्रेसी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था। वाराणसी के डीएम सुरेंद्र सिंह के पहुंचने के बाद सभी नेताओं को बीएचयू ट्रामा सेंटर घायलों से मिलने जाने की अनुमति मिली। फिर 12.50 बजे टीएमसी के तीनों सदस्य बीएचयू ट्रामा सेंटर के लिए रवाना हो गए। 

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प्रियंका गांधी से मिलतीं उभ्भा गांव की महिलाएं - फोटो : अमर उजाला
20 जुलाई को सुबह 10.15 बजे प्रियंका गांधी चुनार किले में पेड़ के नीचे धरने पर बैठी थीं। इसी दौरान प्रियंका गांधी से मिलने आए पीड़ितों के रिश्तेदारों को पुलिस ने किले के नीचे रोका तो प्रियंका गांधी खुद उनसे मिलने जाने लगी थीं। इस पर पुलिस ने प्रियंका को भी रोका था। इसी बात पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ झड़प भी हुई। इसी दौरान शनिवार को पीड़ित परिवार की 5 महिलाएं प्रियंका गांधी से मिलने चुनार पहुंचीं। प्रियंका गांधी ने पीड़ितों की तकलीफ सुनकर उन्हें ढांढस बंधाया। साथ ही कमरे में पीड़ितों के साथ बैठक की। 

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उभ्भा गांव की महिलाओं से मिल कर निकलतीं प्रियंका गांधी - फोटो : अमर उजाला
बैठक के बाद पीड़ितों के साथ बाहर आईं प्रियंका गांधी ने कहा कि मेरा मकसद पूरा हुआ और हमारी कुछ मांगे हैं। 25 लाख मुआवजा दिया जाए, मुकदमा फास्ट ट्रैक कोर्ट में चलाया जाए, पीड़ितों को जमीन का मालिकाना हक मिले और निर्दोषों पर किए गए झूठे मुकदमे वापस लिया जाए। कांग्रेस भी पीड़ितों की आर्थिक मदद करेगी। इसके साथ ही 26 घंटे बाद प्रियंका गांधी ने अपना धरना खत्म किया।
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सोनभद्र के डीएम अंकित अग्रवाल - फोटो : ANI
उधर, सोनभद्र के डीएम अंकित अग्रवाल ने कहा कि उभ्भा गांव की स्थिति बेहद संवेदनशील है। इसलिए पूरे जिले में धारा 144 लागू की गई है। जिले में राजनीतिक दलों के साथ ही सामाजिक संगठनों का प्रवेश वर्जित किया गया है। डीएम ने कहा कि मेरा अनुरोध है कि क्षेत्र में शांति बनाए रखने में मदद करें। जितनी जल्दी स्थिति सामान्य हो जाएगी, उतनी ही जल्दी धारा 144 हटा दिया जाएगा। उभ्भा गांव में अभी भी पुलिस फोर्स तैनात है और अब तक इस हत्याकांड से जुड़े 29 लोगों को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है।
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