बसंत पंचमी की रंगत पूर्वांचल के गलियों-सड़कों पर रविवार को दिखाई दी। सभी ने ज्ञान की देवी मां सरस्वती का आह्वान किया गया। देवालयों, विद्यालयों, संगीत घरानों के साथ ही पंडालों में भी मां का पूजन हुआ और भव्य झांकी सजाई गई। जिसमें हर जिले में सरस्वती प्रतिमा की स्थापना की गई। इस बार सरस्वती पूजन में सरस्वती प्रतिमा को संदेश और जागरूकता का जरिया बनाया गया। वहीं, चंदौली में स्टेच्यू ऑफ यूनिटी(statue of unity) का निर्माण किया गया। देखें तस्वीरें आगे की स्लाइड्स में...
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- फोटो : amar ujala
बसंत के स्वागत में पीत परिधान धारण किए श्रद्धालुओं ने विधि-विधान से मां का आह्वान किया और विविध अनुष्ठान के माध्यम से ज्ञान का आशीष मांगा। वेदमंत्र और हवन पूजन के साथ मातारानी की जय-जयकार होती रही। इस दौरान लोगों ने एक दूसरे को गुलाल भी लगाए। मंदिर परिसर को फूल, पत्तियों व रंग बिरंगे गुब्बारों से सजाया गया था। शहर के प्रमुख मंदिरों में मां सरस्वती का पूजन किया गया।
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चंदौली जिले के आलू मिल नई बस्ती में युवाओं ने सरस्वती प्रतिमा का पंडाल सजाया। जिसके माध्यम से लोगों को शराब से दूर रहने का आह्वान किया। नगर के कैलाशपुरी, गिधौली, चंदासी, नई बस्ती, पटेलपुर, लाठ नंबर दो, नई सट्टी, हनुमानपुर, काली महाल, चतुर्भुजपुर, राम मंदिर, चर्तुर्भुजपुर, ओड़वार, भोगवार, अलीनगर, अमोघपुर, गया कॉलोनी, आरपीएफ कॉलोनी, शास्त्री कॉलोनी, लोको कॉलोनी, सेंट्रल कॉलोनी, रोजा कालोनी, मानसनगर सहित पूरे शहर में जगह जगह पंडाल तैयार किए गए। यहां रात में मां वीणावादिनी की प्रतिमा स्थापित की गई और रविवार को विधि विधान से पूजा अर्चना की गई।
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इसी तरह चंदौली जिले के परशुरामपुर सिकटिया चौराहा पर 'स्टेच्यू ऑफ यूनिटी'(statue of unity) के नीचे मां सरस्वती की प्रतिमा आकर्षण का केंद्र रही।वहीं स्कूलों, कॉलेजों में भी छात्रोंने विधि विधान से मां ज्ञानदायिनी की पूजा अर्चना की। विभिन्न पंडालों में माध्यम से युवाओं ने लोगों को नशे से दूर रहने, स्वच्छता आदि का संदेश दिया।
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मऊ के ब्राह्मण टोला स्थित राजगद्दी मैदान, अंधामोड़, संस्कृत पाठशाला, सहादतपुरा, नरईबांध सहित विभिन्न स्थानों पर स्थापित होने वाले पूजा पंडालों में सरस्वती पूजन धूमधाम से शुरू हुआ। नसोपुर स्थित अमृत पब्लिक स्कूल में बसंत पंचमी का पर्व धूमधाम से मनाया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय की प्रधानाचार्या डॉ. माया सिंह ने मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर किया। कहा कि आज ही के दिन मां सरस्वती का अविर्भाव हुआ था।
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गाजीपुर के नवाबगंज, टेढ़ीबाजार, नखास, रुईमंडी, प्रकाश टाकीज, पंचरस्ता, लालदरवाजा, सुजावलपुर, टेढ़वा, शेखपुर, सकलेनाबाद, महुआबाग, कचहरी, नवापुरा, स्टेशन, मालगोदाम, लंका, गोराबाजार आदि स्थानों पर पंडाल बना कर उसमें वीणावादिनी की प्रतिमा स्थापित की गई। मां के दर्शन के लिए सुबह से ही लोगों की भीड़ लगी रही। रविवार का दिन होने के बावजूद कुछ शैक्षिक संस्थानों में सरस्वती मां का पूजन अर्चन किया गया।
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saraswati pooja
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जौनपुर जेसीआई क्लासिक की ओर से मैहर देवी मंदिर में मां सरस्वती की विधिवत पूजन अर्चन की गई तथा मंत्रोंच्चार के साथ मां का आवाहन किया। संस्था की चेयर पर्सन शालिनी सेठ ने कहा कि बसंत हर ऋतुओं का राजा होता है। इस समय प्राकृतिक सुंदरता देखने लायक होती है। धरती पूरी तरह हरियाली से भर जाती है साथ ही बसंत पंचमी पर हिंदी साहित्य के पुरोधा पंडित सूर्यकांत त्रिपाठी निराला का जन्म दिन भी मनाया जाता है।
आजमगढ़ और बलिया में भी बसंत पंचमी पर विद्यालयों में विविध आयोजन किए गए। वहीं होलिका दहन के लिए होलिका समितियों ने अपने निर्धारित स्थानों पर रेड़ की डाल गाड़ी। हर्षोल्लास के साथ बसंत पंचमी का पर्व पूरे जिले में धूमधाम के साथ मनाया गया।