डीएम का कहना है कि उनका बेटा अभी इतना बड़ा नहीं है कि वह शिक्षा ग्रहण करें, लेकिन वहां को आंगनबाड़ी केंद्र काफी अच्छा है। बेटा वहां खेलेगा और इससे साइकोलाजिकल रूप से वह शिक्षा के प्रति तैयार होगा। इससे लोगों को भी प्रेरणा मिलेगी। जिलाधिकारी ने कहा कि जब सरकारी अधिकारी, कर्मचारी अपने बच्चों का प्रवेश सरकारी विद्यालयों और आंगनबाड़ी केंद्रों में कराएंगे तो दूसरों को भी इससे प्रेरणा मिलेगी और वे भी अपने बच्चों को सरकारी विद्यालय में पढ़वाएंगे। उनका भी हौसला बुलंद होगा।