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‘नायक नहीं खलनायक हूं मैं...’ विनोद राठौड़ के सुरों से सजी सुर गंगा की आखिरी शाम

Wed, 31 May 2017 04:33 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
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vinod rathode - फोटो : अमर उजाला
लोक और शास्त्र में रचे-बसे संगीत के अनूठे सफर की आखिरी शाम मंगलवार को बेहद खास और सुहावनी रही। फिल्म ‘खलनायक’ में जिनके सुरों पर कभी जाने-माने खलनायक अमरीश पुरी के ठुमके हर गली-कूचे में मशहूर हुए थे, उसी पार्श्व गायक विनोद राठौड़ ने इस शाम अपने नायाब अंदाज और आवाज से हर किसी को दीवाना बना दिया। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें..
 
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vinod rathode - फोटो : अमर उजाला
‘नायक नहीं खलनायक हूं मैं/जुल्मी बड़ा दुखदायक हूं मैं...’ गाते हुए वह बाइक पर सवार होकर आयोजन स्थल पर पहुंचे, तो स्वागत में सैकड़ों हाथ उठ खड़े हुए। करतल ध्वनि के साथ हर-हर महादेव के जयघोष से काशीवासियों ने दर्शक दीर्घा में खड़े होकर उनका अभिवादन किया। 
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vinod rathode - फोटो : अमर उजाला
पार्श्व गायक विनोद राठौड़ भी समारोह स्थल पर बाइक से उतरने से बाद ‘खलनायक’ के अपने लोकप्रिय गीत को गाते हुए दर्शकों के बीच जा पहुंचे। इसके बाद मंच पर उन्होंने अपने चिर-परिचित अंदाज में- ‘कोई न कोई चाहिए...’ ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस...’ ‘छुपाना भी नहीं आता...’ ‘ऐ मेरे हम सफर...’ और ‘बचना ऐ हसीनों...’ जैसे गीतों पर खूब झुमाया।
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sur ganga - फोटो : अमर उजाला
इनसे पहले ख्याल गायक डॉ. राजेश्वर आचार्य ने वंदेमातरम गीत पर अलापचारी की। रेणुका भारद्वाज ने- ऐ मेरे वतन के लोगों... की प्रस्तुति से तालियां बटोरीं। ओम प्रकाश श्रीवास्तव ने भजन के बोल- भज मन राम चरन सुखदायी की प्रस्तुति की।  इस मौके पर काशी की सामाजिक, सांस्कृतिक संस्थाओं से जुड़े लोगों को राज्यपाल राम नाईक के हाथों सम्मानित किया गया। 
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