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शुभ दीपावली: आज की रात इन 11 जगहों पर जरूर जलाएं दीपक, पूरे साल बरसेगा धन

Wed, 07 Nov 2018 06:26 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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diwali - फोटो : अमर उजाला

इस दीपावली अगर आप भी चाहते हैं कि आपके घर में खुशियां और पैसों की बरसात हो तो कुछ विशेष स्थानों पर दीये जरूर जलाएं। दीपावली पर सारे दीपक जलाकर चारों ओर का अंधकार दूर करते हैं, लेकिन इस मौके पर कुछ खास जगहों पर दीपक जलाने से मां लक्ष्मी की कृपा वर्ष भर बनी रहती है। साथ ही परिवार में सुख समृद्धि प्राप्त होती है। आइए जानते हैं मां लक्ष्मी को खुश करने लिए घर में कहां-कहां दीपक जलना चाहिए। आगे की स्लाइड्स में देखें...

 
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दीपावली
दीपावली की संध्या पर लक्ष्मी पूजन से पहले मुख्य द्वार पर सरसों के तेल के दीपक अवश्य जलाने चाहिए। अगर घर में आंगन है तो घी का एक दीपक आंगन में जलाएं और अगर आंगन नहीं है तो ड्राइंगरूम या घर के बीचों बीच घी का दीपक जलाना चाहिए। 

 
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diwali 2018
घर के बाद नजदीक के किसी मंदिर में पांच या सात घी के दीपक ले जाएं और अपने ईष्टदेव के अलावा शिव मंदिर व अन्य मूर्तियों के सामने भी दीपक जलाकर समृद्धि की कामना करनी चाहिए। 

 

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diwali

गृहस्वामिनी को दीपावली की रात खाना बनाने से पहले दो दीपक रसोईघर में जरूर जलाने चाहिए। इससे मां अन्नपूर्णा प्रसन्न होती हैं और घर भंडार में वृद्धि होती है।  रात को  शयनकक्ष में घी का दीपक जलाकर उसमें कपूर भी रख दे। इससे दांपत्य जीवन में मधुरता बनी रहती है।
 
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diwali 2018


धर्मशास्त्रों में दीपावली के पूजन में प्रदोष काल गृहस्थों एवं व्यापारियों के लिए अहम होता है। दिन-रात के संयोग काल को ही प्रदोष काल कहते हैं, जहां दिन विष्णु स्वरूप हैं वहीं रात माता लक्ष्मी स्वरुपा हैं, दोनों के संयोग काल से प्रदोष काल बनता है। इस काल में दीपावली पूजन का श्रेष्ठ विधान है और इसमें दीप जलाना उत्तम फलदायक होता है। प्रदोष काल शाम 5.19 से 7.53 बजे तक रहेगा। 
 
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kolkata diwali - फोटो : instagram


शाम को दीपमालिका और दीपवृक्ष आदि बनाकर खजाने में या घर में अन्य जगहों पर वेदी बनाकर चौकी-पाटे आदि पर अक्षतादि से अष्टदल लिखें और उस पर लक्ष्मी का स्थापना करके लक्ष्म्यै नम:, इन्द्राय नम: और कुबेराय नम: का मंत्र जपना चाहिए। 
 
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diwali 2018
इस वर्ष दीपावली बुधवार के दिन पड़ रही है। प्रथम पूज्य आदि देव गणेश की उत्पत्ति बुधवार को हुई थी। इसलिए इस दिन गणेश पूजा करने वाले व्रत रहने वाले और आदि देव की पूजा-अर्चना करने वालों पर विशेष कृपा बरसेगी।
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