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अमर उजाला राधा-कृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता : नन्हे मुन्ने बच्चों ने कान्हा और राधा का रूप धर किया मंत्रमुग्ध, तस्वीरों में देखें

Mon, 30 Aug 2021 01:04 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमीः राधा-कृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता - फोटो : अमर उजाला
शिव की नगरी काशी में नन्हे मुन्ने बच्चों ने श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के मौके पर मोहन और राधा रानी का रूप धर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। बालकृष्ण बन किसी ने बंसी बजाई तो राधा उसकी धुन पर झूमकर नाची भी। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर अमर उजाला की ओर से आयोजित की जा रही राधा-कृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता में बाल कान्हा और राधा का कुछ ऐसा ही रूप और नटखट अदाएं देखने को मिलीं। अभिभावकों ने अपने बच्चों की मनमोहक तस्वीरें अमर उजाला को भेजीं। चयनित तस्वीरों को अमर उजाला में प्रकाशित किया जा रहा और विजेताओं को पुरस्कार भी दिए जाएंगे। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...

 
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमीः राधा-कृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता - फोटो : अमर उजाला
कान्हा का मनमोहक स्वरूप और राधा की मनमोहिनी छवि हर किसी को बरबस ही लुभाती है। इसी को ध्यान में रखकर कृष्ण जन्माष्टमी पर अमर उजाला की ओर से शहर के बालगोपाल और राधा रानी की रूप सज्जा प्रतियोगिता आयोजित की जा रही है। आप अपने बच्चों को कान्हा-राधा की वेशभूषा (स्वरूप) में सजाएं। आप राधा और कृष्ण की एक साथ या फिर राधा-कृष्ण की अलग-अलग तस्वीर भी खींचकर भेज सकते हैं। इस प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए बच्चों उम्र की कोई सीमा निर्धारित नहीं है। 

पाठकों ने भेजीं तस्वीरेंः आव्या ( धूपचंडी), आदित्य (गुरुबाग), अदविका(गुरुबाग)  आदर्श (बिरव कोट), अलौकिक (अर्दली बाजार), अमित (हरहुआ)
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमीः राधा-कृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता - फोटो : अमर उजाला
बच्चों की फोटो खींचकर नाम, पता, उम्र, मोबाइल नंबर, माता-पिता का नाम सहित सारी जानकारी नीचे दिए मेल या व्हाट्सएप पर भेजें। अमर उजाला चुनिंदा तस्वीरों को प्रकाशित कर रहा है। वहीं निर्णायक मंडल द्वारा चयनित तस्वीरों को पुरस्कृत भी किया जाएगा। बच्चों की तस्वीरें ई मेल vns-cityreporter@vns.amarujala.com और व्हाट्सएप नंबर 7617566161 पर भेजें।

 पाठकों ने भेजीं तस्वीरेंः अनन्या (ढेलवरिया), अराध्या और अंशिका (बरेका), अराध्या (तरना, शिवपुर), आरव (शिवपुर), अरहान (साकेत नगर) अरिंदम और आदिराज (सामने घाट) 

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श्रीकृष्ण जन्माष्टमीः राधा-कृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता - फोटो : अमर उजाला
भोले की नगरी काशी में नंदलाला के जन्मोत्सव को लेकर गजब का उत्साह है।  ज्योतिष विधि-विधान के अनुसार गृहस्थ सोमवार को भगवान कृष्ण का जन्मदिन मनाएंगे। वहीं संन्यासी 31 अगस्त को बाल-गोपाल के प्राकट्य दिवस पर दर्शन करेंगे। 

पाठकों ने भेजीं तस्वीरेंः अरिंदम और आदिराज (सामने घाट), आर्या ( अर्दली बाजार), आर्या और वैष्णवी (कामेश्वर महादेव नगर) , आर्यन कुमार (रामनगर), आस्था (बरेका), आयुषी पटेल (मकबूल आलम रोड) 
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमीः राधा-कृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता - फोटो : अमर उजाला
अखिल ब्रह्मांड के महानायक और जन-जन के आराध्य षोडश कलाओं से युक्त नटवर नागर का जन्मोत्सव 30 अगस्त को मनाया जाएगा। अष्टमी तिथि और रोहिणी नक्षत्र के संयोग से जयंती योग बन रहा है। इस बार की जन्माष्टमी सर्वपाप को हरने वाली है। गृहस्थों की जन्माष्टमी 30 अगस्त को और उदयव्यापिनी  रोहिणी होने के कारण रोहिणी मतावलंबी वैष्णवों की जन्माष्टमी 31 अगस्त  को मनाई जाएगी।

पाठकों ने भेजीं तस्वीरेंः हंसिका (चौक), हर्षित (पांडेयपुर), हर्षिता (चोलापुर), काश्वी और कियांश (नई बस्ती पांडेयपुर), काविन , खुश लखमानी( संत रघुवर नगर) 
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमीः राधा-कृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता - फोटो : अमर उजाला
ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश गणेश मिश्र ने बताया कि 29 अगस्त को अष्टमी रात्रि में 10:10 बजे से 30 अगस्त को रात्रि 12:14 बजे तक है। रोहिणी नक्षत्र 30 अगस्त को प्रात: 6:41 बजे से 31 अगस्त को दिन में 9:19 मिनट तक है। 30 अगस्त की रात्रि में अष्टमी और रोहिणी नक्षत्र का योग बन रहा है। जब मध्य रात्रि में अष्टमी तिथि एवं रोहिणी नक्षत्र का योग होता है तब सर्वपाप को हरने वाली जयंती योग से युक्त जन्माष्टमी होती है।

पाठकों ने भेजीं तस्वीरेंः  सृष्टि (मलदहिया), सोम ( बेनीपुर पहड़िया) , उज्जवला ( राजघाट), उन्नती (लहुराबीर) विवान (गौमठ, चौक) 
 
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श्रीकृष्ण जन्माष्टमीः राधा-कृष्ण रूप सज्जा प्रतियोगिता - फोटो : अमर उजाला
ज्योतिषाचार्य विमल जैन ने बताया कि द्वापर में जब भगवान श्रीकृष्ण का जन्म हुआ था, उस समय भी जयंती योग पड़ा था। भगवान श्रीकृष्ण की पूजा अर्चना का विशिष्ट काल तथा अष्टमी तिथि 30 अगस्त को मिल रही है। 30 अगस्त को अष्टमी तिथि तथा महानिशिथकाल का योग रात्रि 11:41 बजे से रात्रि 12:25 बजे तक रहेगा। यह भगवान श्रीकृष्ण की पूजा के लिए विशेष फलदायी रहेगा।
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