आपातकाल की बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र में भाजपा सांसद और सिने स्टार शत्रुघ्न सिन्हा ने केंद्र सरकार पर जमकर हमला बोला। मौका था आम आदमी पार्टी की ओर से बेनियाबाग में आयोजित जन अधिकार रैली का। उन्होंने कई मुद्दों पर तंज कसा तो वहीं अपने अंदाज से तालियां भी बटोरीं। आगे की स्लाइड्स में देखें
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प्रधानमंत्री का नाम लिए बगैर कहा, तथाकथित चाय बेचने वाला कहां से कहां पहुंच गया तो क्या मैं बोल भी नहीं सकता। 44 साल पहले लगा आपातकाल कयामत की तारीख थी और अब लोकतंत्र के नाम पर तानाशाही है। रोजगार के नाम पर केवल वार रूम में सोशल मीडिया में ट्रोल करने वाले तैनात किए गए हैं। गंगा पर सिन्हा बोले, गंगा सूख गई और रुठ गई हैं।
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आम आदमी पार्टी की ओर से बेनियाबाग में आयोजित जन अधिकार रैली को संबोधित करते हुए सिन्हा ने कहा, मैं पार्टी से पहले देश का हिस्सा हूं। अच्छा काम होना और अच्छे काम का दिखना, अलग-अलग बात हैं। सत्ता परिवर्तन हुआ मगर व्यवस्था परिवर्तन नहीं हुआ। नोटबंदी और जीएसटी पर केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा, मैंने आवाज उठाई तो मुझसे पूछा गया कि आप कैसे बोल रहे हैं आपको जानकारी नहीं है।
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वित्त मंत्री अरुण जेटली, कपड़ा मंत्री स्मृति ईरानी पर निशाना साधते हुए बोले-जब वकालत करने वाले वकील बाबू अर्थव्यवस्था की बात कर सकते हैं, टीवी कलाकार मानव संसाधन मंत्रालय पहुंच सकतीं हैं, मैं क्यों नहीं बोल सकता।
उन्होंने कहा, अगर सच कहना बगावत है तो समझो मैं बागी हूं।
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जीएसटी पर तंज कसा और कहा, गांव में मुझसे लोगों ने इसका मतलब पूछा तो मैंने बताया कि गईल सरकार तोहार। उन्होंने कहा कि संवैधानिक पदों का हनन हो रहा है। हिमाचल और गुजरात चुनाव एक साथ तारीख आई लेकिन हिमाचल के बाद गुजरात के चुनाव की घोषणा छह हफ्ते बाद आई। कारण, सिर्फ इतना था कि बाढ़ राहत के नाम कराए गए काम का लाभ चुनाव में उठाया जा सके।
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इससे पहले रैली को पूर्व केंद्रीय मंत्री यशवंत सिन्हा ने भी संबोधित किया। उन्होंने मौजूदा दौर को अघोषित आपातकाल करार देते हुए सरकार पर संसद सत्र छोटा करने और विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने युवाओं सहित जनता से अपील की कि सड़कों पर उतर कर विरोध करें और आवाज उठाएं।
सिन्हा ने कहा कि सरकारी एजेंसियां दबाव में हैं। भाजपा अध्यक्ष अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि अहमदाबाद में नोटबंदी में 7500 करोड़ रुपये जमा कराए गए मगर इसकी जांच नहीं कराई गई।