काशी विश्वनाथ धाम में शंकर महादेवन की प्रस्तुति
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शंकर महादेवन ने होठों पर सच्चाई रहती है जहां दिल में सफाई रहती है....को स्वर दिया। इसके बाद गंगा के ऊपर लिखा गीत स्वच्छ गंगा नमामि गंगे, कर्तव्य गंगा सुनाया। समापन उन्होंने सुनो गौर से दुनिया वालों, बुरी नजर ना हमपे डालो, चाहे जितना जोर लगा लो, सबसे आगे होंगे हिंदुस्तानी...की धुन छेड़ी तो दर्शक भी खुद को रोक नहीं सके और गीत के साथ कदम से कदम मिलाकर थिरक उठे।