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बीएचयू उपद्रवः 'रणभूमि' से लेकर विश्वविद्यालय बंद करने की घोषणा तक ऐसा रहा माहौल, देखें तस्वीरें

Wed, 26 Sep 2018 09:50 AM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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varanasi - फोटो : अमर उजाला
महामना की बगिया यानी बीएचयू परिसर एक बार फिर सोमवार रात से लेकर अब तक अशांत है। जूनियर डॉक्टरों और तीमारदार के बीच शुरू हुआ विवाद दो छात्रावासों के मध्य 'युद्ध' का कारण बना। रात भर पथराव- आगजनी व नारेबाजी की गई। मंगलवार भोर में पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया। दिन भर कैंपस में तनावपूर्ण शांति रहा। वाराणसी के तमाम आलाअधिकारी बीएचयू अधिकारियों के संग बैठक करते रहे। बीएचयू प्रशासन ने विश्वविद्यालय को 28 सितंबर तक के लिए बंद कर दिया। सात हॉस्टल खाली कराने के आदेश दे दिए। तनाव अब भी व्याप्त है। आगे की स्लाइड्स में देखें शुरू से लेकर अब तक की तस्वीरें.....
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6 छात्र घायल, इससे पहले मारपीट में जूनियर डॉक्टरों को भी चोटें आईं - फोटो : अमर उजाला
 मरीज के लिए बेड न होने की बात कहने पर  शाम को पहले जूनियर डॉक्टरों से छात्रों ने मारपीट की उसके बाद डॉक्टरों ने छात्रों को पीट दिया। दोनों पक्षों में जमकर मारपीट हुई। फिर देर रात बवाल बढ़ गया छात्रों ने एकत्रित होकर जमकर उपद्रव किया। एलडी गेस्ट हाउस के पास पुलिस बूथ को जला दिया, हिंदी विभाग के पास आगजनी की। एसबीआई के एटीएम को तोड़ डाला और दो बाइक जला दीं। पेट्रोल बम चलाए गए और फायरिंग भी की। पथराव में आधा दर्जन से अधिक छात्र घायल हो गए।
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बीएचयू की सड़कों पर बिखरा पड़ा पत्थर - फोटो : अमर उजाला

देर रात छात्रों पर लाठी चार्ज के बाद किसी तरह स्थिति नियंत्रण में लायी जा सकी। फिलहाल मौके पर प्रशासनिक अधिकारी चक्रमण कर रहे हैं और कैंपस में तनावपूर्ण शांति है। बीएचयू प्रशासन से वार्ता के बाद एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने कहा कि स्थिति नियंत्रण में है पर अभी भी तनाव कायम है। बीएचयू प्रशासन की अदूरदर्शिता के कारण विश्वविद्यालय का माहौल जब-तब खराब हो रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन हर मौके पर बेबस हो जाता है। कारण यह है कि न तो दोषियों की शिनाख्त ढंग से होती है और न ही उन पर कार्रवाई हो पाती है। हर बार जब भी परिसर में बवाल होता है, चंद छात्र ही इसके पीछे होते हैं लेकिन कार्रवाई का मौका आने पर सबको बचा दिया जाता है। 

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varanasi - फोटो : अमर उजाला

बीएचयू में सोमवार की रात हुई घटना अपने आप नही घटी है बल्कि सुनियोजित ढंग से कराई गई है। ऐसी आशंका चिकित्साधीक्षक सर सुंदर लाल अस्पताल डॉ. विजय नाथ मिश्रा ने मंगलवार को पत्रकारों से वार्ता के दौरान व्यक्त की। कहा कि सोमवार को डॉक्टरों के साथ गालीगलौच, मारपीट एक बार होती है। सब कुछ शांत हो जाता है और फिर से एक बार फिर मारपीट की जाती है। सीसी फुटेज को देखने से यही लग रहा है कि जैसे पहले से तय करने के बाद इस घटना को अंजाम दिया गया हो। उन्होंने प्राक्टोरियल बोर्ड पर भी सवाल उठाए।
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varanasi - फोटो : अमर उजाला
मंगलवार की सुबह विवि प्रशासन की ओर से एलबीएस, रुइया एनेक्सी और धन्वंतरि हॉस्टल खाली कराने के आदेश जारी कर दिए तो वहीं 28 सितंबर पर विवि में अवकाश घोषित कर दिया गया। छात्रों को हास्टल खाली करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया गया है। वहीं देर शाम चीफ प्राक्टर के खिलाफ धरने पर बैठे छात्र मौके पर कुलपति को बुलाने की मांग कर रहे हैं।छात्रों का कहना है कि बीएचयू प्रशासन अपनी नाकामी छिपाने के लिये छात्रों पर तुगलकी फरमान लागू कर हास्टल को खाली कराना चाहता है, हम लोग हास्टल खाली नहीं करेंगे।
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बिड़ला छात्रावास के बाहस डीएम और एसएसपी - फोटो : अमर उजाला
जिलाधिकारी सुरेंद्र सिंह ने मंगलवार की दोपहर बिड़ला 'अ से लेकर धनवंतरि छात्रावास होते हुए लाल बहादुर शास्त्री हॉस्टल और फिर बिड़ला 'अ तक मार्च पास्ट किया। इस दौरान उन्होंने लाल बहादुर शास्त्री हॉस्टल के अंदर छात्रों से बातचीत की। छात्रावास का दौरा किया। इस दौरान मिले छात्रों से उन्होंने पढ़ाई-लिखाई पर चर्चा की। इसी बीच उनके दर्द को समझा। अपने फोन नंबर दिए और किसी भी समस्या की स्थिति में कॉल करने की बात कही। इसी दौरान छात्रावास के सामने पौधों के लिए ईंटों से तैयार ट्रीगार्ड को सुरक्षा की दृष्टिïकोण से हटवाने का निर्देश दिया।
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varanasi - फोटो : अमर उजाला
रुईया हॉस्टल - मेडिकल ब्लॉक, रुईया एनेक्सी, धन्वंतरि हॉस्टल, बिड़ला ए, बी व सी हॉस्टल और एलबीएस हॉस्टल के वार्डेन को कुलसचिव ने कहा है कि बुधवार शाम पांच बजे तक छात्र हर हाल में कमरे खाली कर दें। 28 सितंबर तक किसी भी संकाय में कक्षाएं नहीं चलेंगी। विश्वविद्यालय की स्टैंडिंग कमेटी पूरे प्रकरण की जांच कर कुलपति को जल्द रिपोर्ट देगी जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। उधर, समूचे प्रकरण को लेकर महिला मरीज, विधि संकाय के छात्र और सर सुंदर लाल अस्पताल के चिकित्सा अधीक्षक की तहरीर के आधार पर छह डाक्टरों व 40 जूनियर रेजिडेंट पर लूट, बलवा, मारपीट सहित अन्य आरोपों में तीन अलग-अलग मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में लिया है। मारपीट और पथराव में 15 छात्रों को चोट लगी है। 

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varanasi - फोटो : अमर उजाला

इस घटना के विरोध में जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर चले गए जिसके चलते सर सुंदर लाल अस्पताल और ट्रॉमा सेंटर की ओपीडी में कामकाज ठप रहा। हॉस्टल खाली कराए जाने के विरोध में मंगलवार की शाम एलडी गेस्ट हाउस के समीप एलबीएस व बिड़ला हॉस्टल के छात्रों ने धरना शुरू कर दिया। 
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चिकित्सालय परिसर में मरीजों की भीड़ - फोटो : अमर उजाला
इधर बीच,  जूनियर डॉक्टरों की अघोषित हड़ताल के चलते चिकित्सकीय सेवाएं गंभीर रूप से प्रभावित हैं। सर सुंदर लाल अस्पताल के इमरजेंसी में पहुंच रहे मरीजों को लौटा दिया जा रहा है तो वहीं ट्रामा सेंटर की ओपीडी नहीं खुली । ओपीडी का निबंधन काउंटर भी बंद रहा। मरीज घंटों से ओपीडी का शटर खुलने का इंतजार करते रहे।
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