सावन के पहले सोमवार पर काशी पुराधिपति की नगरी हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से गुंजायमान है। एक ओर सावन झूमकर बरसा तो दूसरी ओर अपार आस्था। 'हर-हर, बम-बम' के बोल संग गूंजती कांवरियों की बोली के साथ आस्थावानों की टोली लगातार आगे बढ़ रही है। नंगे पांव कांवरिये डीजे पर डांस करते रहे तो आकर्षक झांकियां भी निकाली गईं। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
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sawan varanasi
- फोटो : अमर उजाला
काशी विश्वनाथ के जलाभिषेक के लिए काशी में कांवरियों का रेला उमड़ पड़ा है। भोलेनाथ की कृपा पाने के लिए दौड़ते, झूमते, गाते, नाचते बोल बम और हर हर महादेव के जयकारे लगाते श्रद्धालु आस्था के पथ पर आगे बढ़ रहे हैं। नंगे पांव कांवरिये डीजे पर डांस करते रहे तो आकर्षक झांकियां भी निकाली गईं। बाबा की झलक पाने के लिए हर तरफ कांवरियों का कारवां नजर आया। काशी विश्वनाथ सहित काशी के तमाम शिवालयों में बाबा भक्तों की भड़ी उमड़ी है।
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परम्परानुसार सावन के पहले सोमवार को विश्वनाथ मंदिर में यादव बन्धुओं ने जलाभिषेक किया। इस दौरान आम श्रद्धालुओं का प्रवेश मंदिर में प्रतिबंधित रहा। हालांकि इस दौरान भीड़ का नियंत्रण करने में असफल प्रशासन के खिलाफ यादव बंधुओं ने नाराजगी भी जताई। सावन के प्रथम सोमवार को केदारघाट से यादव बंधु सिर पर आस्था का गागर लेकर पांच किमी की दूरी में स्थित शिवालयों की परिक्रमा करते हैं।
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बोल बम का जयकारा लगाते सड़कों पर उमड़े कांवरियों से काशी केसरिया रंग में रंग गई। हर तरफ बोल बम और हर हर महादेव के गगनभेदी जयकारे गूंजते रहे। वाराणसी डीएम, एसएसपी सहित कई कई आला अधिकारियों ने भी हाजिरी लगाई। दोपहर 12 बजे तक करीब एक लाख भक्तों ने बाबा विश्वनाथ का जलाभिषेक किया।
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रविवार शाम तक दशाश्वमेध में गंगा तट से लेकर चितरंजन पार्क के शिविर तक कांवरियों की भीड़ के चलते कहीं तिल रखने की जगह नहीं थी। शिविरों में भी जगह नहीं थी। दशाश्वमेध घाट से लेकर चितरंजन पार्क के शिव शक्ति कांवरिया तीर्थयात्री सेवा शिविर तक कांवरियों का रेला इस कदर था कि पैदल भी लोग नहीं चल पा रहे थे।
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शिविरों में सेवा के भाव भी खूब दिखे। कहीं कांवरियों के पैरों के छाले का इलाज होता रहा तो कहीं सेवा भावना से सेवादार ओतप्रोत नजर आए। वहां सड़क पर कारपेट बिछाई गई थी और उस पर सैकड़ों कांवरिए आराम फरमा रहे थे। शिविर में कांवर रखने की जगह नहीं बची थी।
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kanwar yatra 2018
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प्रयाग से लेकर काशी के बीच कांवरियों का रेला रविवार की दोपहर की लग गया। टेंपो, ट्रैक्टर-ट्रालियों पर बाबा भोलेनाथ की तरह-तरह की झांकियां लेकर भक्त सड़कों पर चलते रहे। बोल बम के जयकारे लगाते हुए भीड़ हर तरफ से बाबा दरबार की ओर बढ़ती रही।
देर शाम तक एक लाख 61 हजार शिवभक्तों ने किया जलाभिषेक
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झमाझम बारिश के दौरान गोदौलिया, दशाश्वमेध की सड़कों पर पानी लग गया तो कई जगह शिव भक्त बैरिकेडिंग की बल्लियों पर खड़े हो गए। भक्तों की लाइन एक तरफ बुलानाला से और दूसरी ओर दशाश्वमेध से गिरजाघर होते हुए लगी थी। मंदिर जाने वाले रास्तों पर सिर्फ भक्तों की भीड़ थी और जगह-जगह शिविरों में चाय-नाश्ता और फलाहार लेकर आवभगत में लगे सेवादार।