Sawan 2025 : सावन में काशी आने वाले श्रद्धालु कुछ बातों का ध्यान रखकर अपनी यात्रा को सुलभ व सुगम बना सकते हैं। विश्वनाथ मंदिर में फोन या बैग न लेकर जाएं। वहीं 5-6 घंटे दर्शन में लग सकते हैं, ऐसे में खाली पेट लाइन में न लगें। आइए जानते हैं और किन बातों का ध्यान रखना होगा...
सावन के महीने में देश भर से डेढ़ करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के काशी आने की संभावना है। ऐसे में बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अमर उजाला लेकर आया है काशी की सावन गाइड। बनारस पहुंचने के बाद बाबा विश्वनाथ के दर्शन के साथ ही ठहरने और घूमने के लिए कुछ बातों का ध्यान रखकर आपकी ये यात्रा आसान हो सकती है। काशी यात्रा सुलभ व सुगम बनाने के लिए क्या करें, आइए हम बताते हैं…
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Sawan 2025
- फोटो : अमर उजाला
नो व्हीकल जोन
काशी विश्वनाथ मंदिर के आसपास लगभग 2 किमी का इलाका मैदागिन से गोदौलिया तक के क्षेत्र को सावन के दौरान नौ व्हीकल जोन घोषित किया गया है। इन क्षेत्रों में वाहन नहीं चल सकेंगे। यहां पर 18 गोल्फ कार्ट और ई रिक्शा निशुल्क उपलब्ध रहेंगे लेकिन व्हील चेयर के पैसे लगेंगे।
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छह द्वार से एंट्री मिलेगी
श्रद्धालुओं को छह द्वार (गेट नंबर चार, चार बी, नंदू फारिया, सिल्को गली, ढुंढिराज प्रवेश मार्ग और सरस्वती फाटक) से प्रवेश दिया जाएगा। गंगा का जलस्तर बढ़ने की वजह से ललिता घाट से श्रद्धालुओं का प्रवेश अस्थायी रूप से प्रतिबंधित किया गया है। जलस्तर कम होने के बाद इस गेट से प्रवेश दिया जा सकता है। श्रद्धालुओं को दर्शन में पांच से छह घंटे का समय लग सकता है, इसलिए खाली पेट लाइन में न लगें।
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क्या सामान नहीं ला सकते, अंदर पानी-दूध-बिस्कुट मिलेगा
मंदिर परिसर में ही माला-फूल- दूध के साथ प्रसाद के काउंटर रहेंगे। मंदिर परिसर से खरीदने पर इसका सही रेट मिलेगा।
मंदिर में बैग, मोबाइल, पेन, धातु की वस्तुएं इत्यादि के साथ प्रवेश संभव नहीं होगा। श्रद्धालु यह वस्तुएं अपने घर, होटल, धर्मशाला पर छोड़कर ही आएं। भीड़ के कारण मंदिर में निशुल्क लॉकर सुविधा नहीं होगी।
धाम परिसर में पीने के पानी का काउंटर भी रहेगा। समय-समय पर ग्लूकोज/ओआरएस घोल दिया जाएगा। गुड़ की व्यवस्था भी रहेगी।
श्रद्धालुओं के साथ आने वाले छोटे बच्चों के लिए मंदिर में छह जगहों पर दूध के इंतजाम किए गए हैं। वहीं, बड़े बच्चों के लिए चॉकलेट और बिस्किट की व्यवस्था रहेगी।
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स्पर्श दर्शन बंद रहेंगे, आरती के टिकट बुक हो चुके हैं
सावन में सोमवार पर स्पर्श दर्शन, विशेष दर्शन, प्रोटोकॉल, सुगम दर्शन की व्यवस्था नहीं रहेगी। इस दौरान किसी के भी बहकावे में न आएं। बाकी दिनों में सुगम दर्शन दर्शन रहेगा, लेकिन भीड़ कम होने पर। लेकिन इसका फैसला भीड़ को देखते हुए लिया जाएगा। काशी विश्वनाथ मंदिर की वेबसाइट पर इसे चेक कर सकते हैं।
कोई आपको विशेष दर्शन करवाने या दर्शन के लिए पैसा मांगता है तो उसकी शिकायत पुलिस या मंदिर कर्मचारी से कर सकते हैं। विश्वनाथ मंदिर की हेल्प डेस्क मंदिर परिसर और बाहर रहेगी। किसी भी समस्या के लिए यहां संपर्क करें। शिकायत भी दर्ज करा सकते हैं।
मंदिर में होने वाली चार प्रहर की आरती के टिकट पूरे सावन महीने के लिए पहले ही बुक हो चुके हैं। आरती के सभी स्लॉट फुल हैं, आरती के टिकट अब नहीं मिल सकते हैं।
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काशी विश्वनाथ धाम
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डिजिटल दर्शन
स्मार्ट सिटी के सहयोग से धाम परिसर और शहर के प्रमुख चौराहों पर बाबा विश्वनाथ की आरती के डिजिटल दर्शन की व्यवस्था की गई है। काशी विश्वनाथ मंदिर के आधिकारिक यूट्यूब चैनल पर भी भगवान के दर्शन की ऑनलाइन स्ट्रीमिंग की जाएगी।
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इलाज, एंबुलेंस कहां मिलेगा
पांच स्थानों पर इलाज की सुविधा रहेगी। डॉक्टरों की टीम तैनात रहेगी। हेल्थ डेस्क पर तीन पाली में डॉक्टरों की ड्यूटी लगेगी। मंदिर न्यास की तरफ से प्रत्येक पाली में दो डॉक्टरों की टीम उपलब्ध कराई जाएगी। मंदिर की दो एंबुलेंस भी रहेंगी। एक एंबुलेंस में एडवांस लाइफ सपोर्ट की सुविधा उपलब्ध होगी।
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Varanasi
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30 जगह पार्किंग
बाहर से आने वाले वाहनों की पार्किंग के लिए लगभग 30 जगहों पर व्यवस्था की जा रही है। इनमें भाष्करा पोखरा, मुड़ैला, एफसीई गोदाम मंडुवाडीह, लहरतारा स्थित रेलवे स्टेडियम, सिगरा में नटराज सिनेमा के पास, काशी विश्वनाथ कोट्टई मंदिर सिगरा ग्राउंड, मजदा सिनेमा हॉल और काशी विद्यापीठ परिसर शामिल हैं। इसके अलावा पूरे सावन, हाईवे के बाएं तरफ की लेन को कांवड़ियों के लिए सुरक्षित की है। इन पर गाड़ियां नहीं चल सकेंगे। एक लेन से ही आने जाने वाले वाहन गुजरेंगे। भाष्कर पोखरा पर प्रयागराज और भदोही से आने वाले श्रद्धालुओं के वाहनों की पार्किंग की व्यवस्था की गई है। भीड़भाड़ बहुत होती है, इसलिए सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की सलाह दी गई है। यदि आप निजी वाहन से जा रहे हैं, तो पार्किंग स्थलों की जानकारी पहले से प्राप्त कर लें।
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रूट डायवर्जन - शनिवार रात से मंगलवार सुबह तक
सावन भर हर शनिवार को रात 8 बजे से मंगलवार सुबह 8 बजे तक शहर में मंदिर जानेवाले रास्तों पर गाड़ियां नहीं चलेंगी। बेनिया से रामापुरा से खारीकुंआ से जंगमबाड़ी के गोदौलिया। गुरुबाग तिराहे से लक्सा से रामापुरा। पियरी चौकी से बेनिया तिराहा। ब्रॉडवे से अग्रवाल रेडियो। सोनारपुरा से मदनपुरा और गोदौलिया तक। सूजाबाद से भदऊ चुंगी से विश्वेश्वरगंज से मैदागिन तक। लंका से सामने घाट। साथ ही चांदपुर चौराहे से मोहनसराय तक। वहीं कांवड़ियों के लिए प्रयागराज से मोहनसराय और मोहनसराय से धाम तक डेडिकेटेड रूट तैयार किया गया है। इस रूट पर पुलिस चौकी बनाई गई हैं। साथ ही फर्स्टएड बॉक्स की व्यवस्था है।
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खोया पाया केंद्र
धाम में छह जगहों पर खोया-पाया केंद्र की स्थापना की जाएगी। इसमें मंदिर प्रांगण, शंकराचार्य चौक, गेट नंबर एक गंगा निकरा द्वार, गेट नंबर दो सरस्वती फाटक, गेट नंबर चार और ललिता घाट पर खोया-पाया केंद्र काम करेगा।
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कैसे घूमने जाएं, टैक्सी-होटल पहले से बुक कर लें
वाराणसी में दर्शन करने के बाद अगर आसपास के दर्शनीय स्थलों का भ्रमण करना चाहते हैं तो वाहनों की बुकिंग एडवांस में करना ठीक होगा। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के अलावा कालभैरव, संकटमोचन मंदिर, बीएचयू विश्वनाथ मंदिर, दुर्गा मंदिर, मारकंडेय महादेव, गौरी केदारेश्वर, शूलटंकेश्वर, स्वरवेद मंदिर और सारनाथ घूमने भी जा सकते हैं। इसके लिए आप ई रिक्शा और टैक्सी बुक कर सकते हैं।
रोजाना शाम को दशाश्वमेध, अस्सी और केदारघाट पर गंगा आरती होती है। अगर आपको आरती में सबसे आगे बैठना है तो 4:30 बजे तक आरती स्थल पर पहुंचकर अपना स्थान ले सकते हैं। हालांकि बाढ़ के कारण ये आरती प्रतिकात्मक होगी।
यहां कर सकते हैं होटल बुकिंग
काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र के दो किलोमीटर के दायरे में होटल मिलना आसान नहीं होगा। ऐसे में मंदिर से सटे चौक, बांसफाटक, गोदौलिया, दशाश्वमेध, लक्सा, मैदागिन, आसभैरव, विशेश्वरगंज, मंडुवाडीह, लंका, दुर्गाकुंड, शिवपुर, भोजूबीर क्षेत्र में ऑनलाइन होटल की बुकिंग कर सकते हैं। इन सभी जगहों से मंदिर पहुंचने के लिए कई साधन उपलब्ध हैं।