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देखें तस्वीरें जब सीरगोवर्धनपुर बन गया बेगमपुरा, संत निरंजन दास ने लिया मेले का जायजा

Tue, 19 Feb 2019 12:30 PM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
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- फोटो : amar ujala
संत रविदास की जन्मस्थली सीरगोवर्धनपुर रविवार को बेगमपुरा में तब्दील हो गई। संत रविदास का 642वें जन्मोत्सव माघ पूर्णिमा पर 19 फरवरी को मनाया जाएगा लेकिन डेरा सचखंड बल्लां के गद्दीनशीन संत निरंजन दास के सीर पहुंचते ही पर्व का चटख रंग और गाढ़ा हो गया। इसके साथ ही पूरे सीर क्षेत्र में श्रद्धा-आस्था का सागर हिलोरें मारने लगा। देखें तस्वीरें आगे की स्लाइड्स में...
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- फोटो : amar ujala
जालंधर से 1600 रैदासी भक्तों को लेकर विशेष ट्रेन बेगमपुरा एक्सप्रेस दोपहर 2:15 बजे कैंट रेलवे स्टेशन पहुंची। प्लेटफार्म पर बैंड की धुन पर फूलमालाओं से भक्तों ने उनका स्वागत किया। सेवादारों और साथ आए सुरक्षाकर्मियों ने सुरक्षा घेरे में उन्हें सर्कुलेटिंग एरिया तक पहुंचाया। 
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- फोटो : amar ujala
सर्कुलेटिंग एरिया में स्वागत सभा के बाद सुसज्जित लक्जरी वाहन में गाड़ियों के काफिले में संत निरंजन दास सीर गोवर्धन पहुंचे। इस दौरान फूलों की बरसात के साथ पूरा इलाका जयकारे से गूंजता रहा। संत निरंजन दास ने मंदिर में मत्था टेका और तैयारियों का जायजा लिया।

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- फोटो : amar ujala
शाम तक उत्सव की तैयारियां भी पूरी कर ली र्गईं और मंदिर के साथ ही पूरा क्षेत्र विद्युत झालरों की रोशनी से जगमगा उठा। सोमवार को शाम छह बजे वे नगवां स्थित संत रविदास पार्क में शाम छह बजे दीपदान कर दो दिवसीय उत्सव का शुभारंभ करेंगे। साथ में सतपाल बिरदी, राम प्रकाश, ओमप्रकाश, चमन लाल, निरंजन दास चीमा, तरसेमा लाल, संत लेखराज समेत 108 संतों की टोली भी आई है।
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- फोटो : amar ujala
जयंती के उपलक्ष्य में सोमवार को सुबह आठ से 10 बजे तक और सायं छह से आठ बजे तक संतों का सत्संग हुआ। वहीं, दोपहर साढ़े तीन बजे संत निरंजन दास ने मेला क्षेत्र का जायजा लिया और सेवादारों को बख्शीश भी दी। इसी दिन सायं छह बजे से नगवां स्थित संत रविदास पार्क व रविदास घाट पर दीपदान के साथ ही दीपोत्सव मनाया जाएगा। 
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- फोटो : amar ujala
19 फरवरी को सुबह आठ बजे रविदास मंदिर में रविदासिया धर्म का ध्वजारोहण किया जाएगा। अमृत वाणी सुबह 10 बजे व जन्मस्थान पर बने मुख्य पंडाल में सत्संग 11 से तीन बजे तक होगा। इसी दिन सायं छह बजे टाउनहाल से निकाली गई संत रविदास की शोभायात्रा में शामिल झांकियों का मंदिर के समीप स्वागत होगा।
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- फोटो : amar ujala
गुरु दर्शन को प्यासी अखियां गुरु महाराज के आने की प्रतीक्षा में घंटों तरसीं...और जब सद्गुरु महाराज पहुंचे तो भक्ति भाव में आकंठ डूबा हर जन-मन उनके दर्शन कर विभोर हो उठा। सद्गुरु महाराज का जयकारा गूंजा और भक्तों के रेले ने हाथ जोड़े। देर शाम तक लगभग एक लाख तक संगत आ चुकी थीं। रेल, बस, ट्रक सहित अन्य निजी वाहनों से पंजाब, हरियाणा, बिहार, मध्य प्रदेश सहित अन्य प्रदेशों से संगत यहां लगातार पहुंच रही है। संत निरंजन दास के साथ एनआरआई भक्त भी आए हैं। पंजाब से एक स्पेशल ट्रेन सोमवार को भी आएगी।

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- फोटो : amar ujala
बता दें कि दो दिन के समारोह के लिए सड़क से लेकर छतों की बुकिंग हो चुकी है। सड़क पर दुकानें लगाने के लिए, छतों पर रुकने के लिए भी बुकिंग की गई है। बाहर से आए भक्तों ने रहने के लिए किराए पर घरों को लिया है। दुकानें सज गई हैं झूले और चरखियों का बच्चे आनंद लेते रहे। मेले में 50 लाख से ऊपर का कारोबार चार दिनों में होगा। पंजाब से आए डॉक्टरों का दल भी कैंप लगाकर सेवाभाव में लगा हुआ है।
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- फोटो : amar ujala
पंजाब से मालवा लंगर कमेटी की ओर से रविवार को संत रविदास विघालय में पांच दिवसीय लंगर शुरू हो गया। सुबह नाश्ते में चाय, ब्रेड पकौड़ा, नमकीन चली तो दोपहर में दाल, चावल, पूड़ी, सब्जी, पापड़ का रैदासियों ने लुत्फ उठाया। कमेटी के अध्यक्ष जगदीश किच्ची ने बताया कि 250 सेवादार मालवा से आए हैं। हर साल विद्यालय के लिए कुछ करके जाते हैं। इस बार कमेटी की ओर से विद्यालय में साउंड सिस्टम लगाया जाएगा। टेंट का समान भी देकर जाएंगे।
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