रंगभरी एकादशी पर काशी विश्वनाथ मंदिर में लाखों भक्तों ने बाबा विश्वनाथ और माता गौरा को गुलाल अर्पित किया। सुबह से शुरू हुआ दर्शन पूजन का सिलसिला देर शाम तक जारी रहा। गुलाल उड़ाते हुए भोले बाबा के गीतों पर थिरकते हुए श्रद्धालु मंदिर पहुंचे। इस दौरान मंदिर के गेट नंबर चार पर दिन ढलने के बाद भक्तों की भीड़ बेकाबू हो गई। भीड़ को काबू करने में पुलिस- प्रशासन की टीम के भी पसीने छूट गए।
आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...