Rangbhari Ekadashi 2024: दूल्हा बने बाबा काशी विश्वनाथ मंगलवार को गौरा का गौना कराने पहुंचे तो बाबा पर ठंडई और गुलाबजल की फुहार उड़ाई गई। वहीं बरातियों का भी रंगभरी ठंडई पिलाकर स्वागत हुआ।
रंगभरी एकादशी की पूर्व संध्या पर मंगलवार को काशीपुराधिपति बाबा काशी विश्वनाथ गौरा का गौना कराने ससुराल पहुंचे। गौना की बरात लेकर महंत आवास (गौरा सदनिका) पहुंची। दूल्हा बने बाबा विश्वनाथ पर ठंडई और गुलाबजल की फुहार उड़ाई गई। इसके बाद फल, मेवा और बाबा के लिए खासतौर पर तैयार की गई ‘रंगभरी ठंडई’ से पारंपरिक स्वागत किया गया। बरातियों को भी रंगभरी ठंडई पिलाकर स्वागत हुआ। तो वहीं, बुधवार को बाबा के गौना की परंपरा निभाई जाएगी। इसके लिए अयोध्या के पारंपरिक रामायणी परिवार के प्रतिनिधि पं. अनिल तिवारी ने शिव और गौर की पालकी पर उड़ने के लिए अबीर भेंट की। साथ ही मथुरा के जेल में कैदियों द्वारा तैयार की गई खास हर्बल अबीर भी काशी पहुंची। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
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Rangbhari Ekadashi 2024
- फोटो : अमर उजाला
गौरा का गौना कराने बाबा विश्वनाथ के आगमन पर अनुष्ठान का विधान पं. सुनील त्रिपाठी के अचार्यत्व में हुआ। बाबा का ससुराल (गौरा सदनिका) में स्वागत संकठा मंदिर के मंहत पं. अतुल शर्मा व रागिनी शर्मा ने किया। वैदिक बटुकों ने मंत्रोचार के साथ बाबा का अभिषेक करने के बाद वैदिक सूक्तों का घनपाठ किया।
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काशी विश्वनाथ मंदिर के पूर्व महंत डॉ. कुलपति तिवारी के सानिध्य में संजीवरत्न मिश्र ने अनुष्ठान किया। बाबा विश्वनाथ एवं माता पार्वती की गोद में भगवान गणेश की प्रतिमा को एक साथ सिंहासन पर विराजमान कराया गया। पूजन-आरती कर भोग लगा। डमरुओं की गर्जना हुई। महिलाओं और कलाकारों ने मंगल कामनाओं से परिपूर्ण पारंपरिक गीत, लोकनृत्य, संगीत के साथ ससुराल पहुंचे। काशीपुराधिपति का स्वागत हुआ। टेढ़ीनीम गौने के बधाई गीतों से गुंजायमान रहा।
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महंत आवास से निकलेगी पालकी की शोभायात्रा
रंगभरी एकादशी पर बुधवार को बाबा के पूजन ब्रह्म मुहूर्त में मंहत आवास पर आरंभ होगा। बाबा के साथ माता गौरा की चल प्रतिमा का पंचगव्य तथा पंचामृत स्नान के बाद दुग्धाभिषेक होगा। दुग्धाभिषेक पं. वाचस्पति तिवारी और संजीवरत्न मिश्र करेंगे। सुबह पांच से साढ़े आठ बजे तक 11 वैदिक ब्रह्मणों द्वारा षोडशोपचार पूजन के बाद फलाहार का भोग लगाकर महाआरती होगी।
10 बजे चल प्रतिमाओं का राजसी शृंगार एवं सुबह 11:30 बजे भोग आरती होगी। इसके बाद बाबा का दर्शन शुरू हो जाएगा। यह सिलसिला शाम 4:30 बजे चलेगा। डमरूदल दल भी शामिल रहेगा। बाबा की पालकी की शोभायात्रा टेढ़ीनीम स्थित महंत आवास से विश्वनाथ मंदिर तक निकाली जाएगी। इससे पूर्व प्रात: 10:30 बजे से शिवांजलि संगीत समारोह आयोजन होगा। शुरुआत महेंद्र प्रसन्ना के शहनाई पर मंगलध्वनि से होगी।