सितार वादन डॉ.सुप्रिया शाह ने राग शुद्ध सारंग में आलाप जोड़, झाला, मसीतखानी गत व रजाखानी गत की प्रस्तुति की। गायन में डॉ.मधुमिता भट्टाचार्य ने राग विहाग में विलंबित एक ताल -कवन ढंग तोरा, तीन ताल में लट उलझे सुलझा जा बालम, होरी-उडत अबीर गुलाल की प्रस्तुति की।