फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

रामधुन से बीएचयू में पांच दिवसीय पूर्वाचार्य संगीत समारोह का समापन

Sat, 08 Feb 2020 08:58 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
विज्ञापन
1 of 5
पूर्वांचार्य संगीत समारोह में मौजूद कला साधक। - फोटो : अमर उजाला।
बीएचयू के संगीत एवं मंचकला संकाय में पांच दिवसीय पूर्वाचार्य संगीत समारोह का समापन रामधुन से हुआ। इससे पहले अंतिम दिन शनिवार को शिक्षकों, कलाकारों ने गायन, वादन, नृत्य के माध्यम से पूर्व आचार्यों को याद किया। समापन समारोह में संकाय प्रमुख प्रो. राजेश शाह ने इस तरह के आयोजनों को युवा संगीत कलाकारों के लिए अहम बताया। कहा कि इससे उन्हें बहुत कुछ नई जानकारियां भी मिलती है।
विज्ञापन

2 of 5
पंडित ओंकारनाथ ठाकुर सभागार में अंतिम दिन का कार्यक्रम पं.विक्कू महाराज को समर्पित रहा। प्रो. के शशि कुमार ने प्रार्थना जानकी जाने के माध्यम से प्रभु का गुणगान किया। हारमोनियम पर डा. विजय कपूर, तबले पर सिद्धार्थ चक्रवर्ती ने संगत किया। इस दौरान प्रो. प्रवीण उद्धव ने पंडित विक्कू महाराज के व्यक्तित्व, कृतित्व के बारे में बताया।
विज्ञापन

3 of 5
सितार वादन डॉ.सुप्रिया शाह ने राग शुद्ध सारंग में आलाप जोड़, झाला, मसीतखानी गत व रजाखानी गत की प्रस्तुति की। गायन में डॉ.मधुमिता भट्टाचार्य ने राग विहाग में विलंबित एक ताल -कवन ढंग तोरा, तीन ताल में लट उलझे सुलझा जा बालम, होरी-उडत अबीर गुलाल की प्रस्तुति की।

4 of 5
डॉ. संजय वर्मा ने राग मधुवंती में मध्यलय रूपक और द्रुत तीन ताल की प्रस्तुति की। ललित कुमार ने तबला वादन में तीन ताल में कायदा, परन, फ़रमाइशी, रेल तथा ना दी दी ना बजाया तो पूरा सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा।
विज्ञापन
विज्ञापन

5 of 5
प्रो.वीरेंद्रनाथ मिश्र ने राग जोगेश्वरी में आलाप, जोड़, व मध्य लय धमार ताल और द्रुत तीन ताल में प्रस्तुति की। अंतिम पस्तुति में डॉ. विजय कपूर और डॉ. ज्ञानेश चंद्र पांडेय ने रामधुन गाया। तबले पर सिद्धांत चक्रवर्ती ने संगत किया।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें