धार्मिक ग्रंथों के अनुसार चंद्रमा यदि कन्या, तुला, धनु और मकर राशि में से किसी एक में रहता है तो उस दिन पाताल में भद्रा होता है। पाताली भद्रा तीन प्रहर के बाद धरती पर शुभफलदायी हो जाती है। इस आधार पर प्रदोष काल में सायं पांच से छह बजे के बीच रक्षा बंधन किया जा सकता है। वहीं अगर पूर्ण शुभ मुहूर्त की बात है तो रात्रि 08:25 के बाद मिलेगा और इस दौरान रक्षाबंधन किया जा सकता है।