एससी-एसटी कानून में संशोधन के विरोध में सोमवार को वाराणसी और चंदौली में विभिन्न संगठनों ने मुख्यालय पर विरोध प्रदर्शन किया। चंदौली में प्रदर्शनकारियों ने तीन घंटे तक एनएच दो दिल्ली से कोलकाता हाईवे जाम रखा। फिर भाजपा जिला कार्यालय पर पथराव करते हुए वहां लगे पोस्टर फाड़ दिए और केंद्र और प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। बनारस में युवाओं ने पीएम संसदीय कार्यालय तक मार्च निकाला। यहां प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया। आगे की स्लाइड्स में देखें...
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- फोटो : amar ujala
चंदौली में प्रदर्शनकारियों की संख्या अधिक होने से पुलिस बेबस नजर आई। एसपी संतोष सिंह ने बताया कि एक हजार अज्ञात लोगों पर केस दर्ज किया गया है और भी लोगों को चिन्हित किया जा रहा है। सख्त कार्रवाई की जाएगी। केंद्रीय ब्राह्मण महासभा, अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा, क्षत्रिय कल्याण परिषद, राष्ट्रवादी हिंदू युवा वाहिनी, करणी सेना, सवर्ण सेना आदि संगठनों के कार्यकर्ता सोमवार को दिन के 11 बजे विकास भवन के समीप जुटे।
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फिर सरकार विरोधी नारेबाजी करते हुए एसपी कार्यालय पहुंचे और करीब 12 बजे से तीन बजे तक हाईवे जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने एससी, एसटी एक्ट का पुतला फूंककर विरोध जताया। इसके बाद हाईवे किनारे स्थित भाजपा कार्यालय पर पथराव किया। इससे कार्यालय पर लगा बोर्ड क्षतिग्रस्त हो गया। प्रदर्शनकारियों ने कार्यालय के बाहर लगे पोस्टर फाड़ दिए। समझाने बुझाने के दौरान पुलिस को कार्यकर्ताओं के गुस्से का सामना भी करना पड़ा।
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बनारस में एससी, एसटी एक्ट में संशोधन की मांग को लेकर सोमवार को बीएचयू गेट से युवाओं ने मार्च निकाला। बनारस में युवाओं ने पीएम संसदीय कार्यालय तक मार्च निकाला। के माध्यम से हाल ही में जारी कानून में संशोधन की मांग की गई। यहां प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया गया, जिसमें हाल ही में सरकार की ओर से जारी आदेश को सवर्ण और ओबीसी के लिए गलत बताया गया।
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बीएचयू गेट से दीपक सिंह राजवीर के नेतृत्व में निकले मार्च में युवाओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस फैसले से सरकार पर वोट बैंक की राजनीति का आरोप लगाया गया। कहा कि इस तरह के फैसले से आपसी भाईचारे को तोड़ने का प्रयास किया गया।
दीपक ने कहा कि यह कानून नहीं अभिशाप है, इसका प्रभाव आने वाले समय में देखने को मिलेगा। इससे जहां एक ओर फर्जी मुकदमे बढ़ेंगे, वहीं आपसी रंजिश को भी बढ़ावा मिलेगा। युवाओं ने मांग किया गया है कि इसमें संशोधन कर अग्रिम जमानत की व्यवस्था और फर्जी मुकदमों में मुआवजे एवं सजा की व्यवस्था की जाए।