फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

जेल में बंद नौ कैदियों की तबीयत हुई खराब, हालत गंभीर होने पर जिला अस्पताल में भर्ती

Wed, 17 Apr 2019 08:13 PM IST
Sayali Maurya न्यूज डेस्क,अमर उजाला,आजमगढ़
विज्ञापन
1 of 6
उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिला जेल में बंद नौ कैदियों की तबीयत खराब होने का मामला सामने आया है। इसके बाद सभी कैदियों को जिला अस्पताल के अतिरिक्त वार्ड में भर्ती कराया गया। इसके बाद जेल के हालातों को जानने के लिए देर शाम डीएम और एसपी जेल पहुंचे। देखें आगे की स्लाइड्स में...
विज्ञापन

2 of 6
आजमगढ़ प्रशासन की सख्ती से नाराज जेल के कई बंदी दो दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे हैं। खाना न खाने से इनकी तबियत खराब होने पर इन्हें जेल के अस्पताल में भर्ती कराया गया। सभी को उल्टी, पेट में दर्द और कमजोरी महसूस हो रही। बुधवार को नौ बंदियों की हालत गंभीर होने पर जेल के डॉक्टर ने सभी को जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में सभी का इलाज चल रहा है। 
विज्ञापन

3 of 6
भोजन न करने से बीमार होने वाले बंदियों में फैजान (21) पुत्र गुलाम, राहुल (22) पुत्र पन्नालाल, सदरे आलम (22) पुत्र मो. इश्तेखार, मो. नियाज (27) पुत्र मो. रेयाज, मनोज (27) पुत्र लखई, अजय (24) पुत्र पलकधारी, जगीरा (19) पुत्र बच्चन और सद्दाम (19) पुत्र साजिद का नाम शामिल है। सभी कैदियों को भारी सुरक्षा के बीच बुधवार की सुबह जिला अस्पताल के अतिरिक्त वार्ड में भर्ती कराया गया। 

4 of 6
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ. आर आर श्रीवास्तव द्वारा इन बंदियों का इलाज किया जा रहा। डॉ. आर आर श्रीवास्तव के मुताबिक जो बंदी भर्ती हुए हैं। उन्हें उल्टी, पेट में दर्द और कमजोरी की शिकायत है। बता दें कि 16 मार्च को एडीएम प्रशासन और एसपी सिटी जेल में पहुंचकर छापेमारी की। सघन तलाशी अभियान के दौरान 35 मोबाइलें बरामद हुई। इस मामले में शासन की तरफ से कई जिम्मेदार अधिकारी और कर्मचारियों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उन्हें हटा दिया। साथ ही उनके स्थान पर नए अधिकारियों की तैनाती कर दिया गया। 
विज्ञापन

5 of 6
कमान संभालने के साथ ही अधिकारी और कर्मचारी सख्ती बरतने लगे हैं। जिससे नाराज कुछ बंदी विरोध करते हुए भोजन का बहिष्कार कर दिए हैं। जो लोग बहिष्कार किए हैं। उसमें ज्यादातर ऐसे लोग शामिल हैं, जिनकी मोबाइल छीन ली गई थी या फिर बाहर से भोजन आना बंद करा दिया गया। इन्हीं लोगों के उकसाने पर अन्य बंदी भी भोजन का बहिष्कार किए हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन

6 of 6
भोजन का बहिष्कार करने वाले बंदियों का आरोप है कि प्रशासन जहां घटिया भोजन दे रहा, वहीं कुछ लोगों से मोटी रकम लेकर उन्हें मोबाइल चलाने सहित अन्य सुविधाओं के लिए छूट प्रदान कर दी है। जबकि रिश्वत न देने वालों के साथ सख्ती बरती जा रही है। जेल सूत्रों के मुताबिक भोजन न करने से कई बंदी बीमार होकर जेल के अस्पताल में भर्ती हैं। हालांकि जेल के अंदर बीमार बंदियों के आंकड़ों की जानकारी नहीं हो सकी है। वरिष्ठ जेल अधीक्षक आरके मिश्रा ने बताया कि सख्ती की वजह से जिन बंदियों की दाल नहीं गल रही, वे लोग विरोध कर रहे हैं। बातचीत के जरिए मामला शांत कराने का प्रयास किया जा रहा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें