राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मां विंध्यवासिनी के किए दर्शन।
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राष्ट्रपति ने कहा कि वह स्वयं को मां गंगा की करोड़ों संतानों में से एक मानते हैं। उनका जन्म गंगा किनारे कानपुर देहात के पास एक गांव में हुआ है। वह जहां भी रहे, वहां मां गंगा का सानिध्य मिला। कहा कि गंगा की पवित्रता, निर्मलता और अविरलता उनके जीवन के मार्गदर्शन के प्रेरणास्रोत रहे हैं। गंगा एक नदी नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति की जीवनधारा है।