प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 68वें जन्मदिन पर सोमवार देर रात काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान पीएम मोदी ने देशवासियों की उन्नति और सुख-समृद्धि की कामना की। आगे की स्लाइड्स में देखें तस्वीरें...
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प्रधानमंत्री ने नैवेद्य के साथ षोडषोपचार विधि से पूजा-अर्चना की। आशीर्वाद स्वरूप ब्राह्मणों ने उनके हाथ में रक्षासूत्र और ललाट पर तिलक लगाया। इसके बाद उनको जन्मदिन पर पंचमुखी रुद्राक्ष, पंचफल और लाल पेड़ा दिया गया। इस दौरान प्रधानमंत्री ने काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र के विस्तार के लिए कॉरिडोर के बारे में भी जानकारी ली।
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- फोटो : अमर उजाला
प्रधानमंत्री मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय के साथ डीरेका से मंडुवाडीह रेलवे स्टेशन, महमूरगंज, रथयात्रा, लक्सा और बांस फाटक होते हुए 9:15 बजे छत्ता द्वार पहुंचे। गेट नंबर चार से प्रवेश कर वह 9:18 बजे पर गर्भ गृह में पहुंच गए। वहां पं. टेक नारायण उपाध्याय के आचार्यत्व में श्रीकांत मिश्रा, राजेश पाठक, नर्वदेश्वर पांडेय और ओम प्रकाश ने मंत्रोच्चार के बीच बाबा को दूध, दही, घी, गंगा जल, शहद से बाबा को स्नान करवाया।
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यज्ञोपवीत चढ़ाने के बाद प्रधानमंत्री ने केसर, चंदन का लेप लगाकर रोली का तिलक किया और पांच प्रकार के पुष्पों से बनी माला अर्पित की। इसके बाद को उन्होंने घी की दीपक से आरती की। बाबा पांच प्रकार के फल और मिष्ठान चढ़ाया। इसके बाद उनके जन्मदिन के अवसर पर मंदिर प्रशासन की ओर से पंचमुखी रुद्राक्ष की माला और लाल पेड़ा का प्रसाद दिया गया।
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इसके बाद प्रधानमंत्री बद्रीनाथ गेट से ज्ञानवापी परिसर में गए और वहां चल रहे मंदिर कॉरिडार के कार्यों का अवलोकन किया। बीच-बीच में कमिश्नर और मुख्य कार्यपालक अधिकारी से जानकारी भी लेते रहे। आगे बढ़ते हुए उन्होंने ज्ञानवापी में स्थित धर्म कूप के बाएं रास्ते पर मस्जिद की बैरिकेडिंग के साथ रानी भवानी गेट पर हाथ धोए और गेट नंबर चार की ओर निकल गए।
9:40 बजे उनके बाहर निकलने पर सड़क पर खड़े काशीवासियों ने हर हर महादेव के उद्घोष के साथ उनका स्वागत किया। काफिले की वापसी से पहले प्रधानमंत्री ने अपनी गाड़ी पर बैठने से पहले वहां मौजूद लोगों का हाथ हिलाकर अभिवादन स्वीकार किया।