लॉकडाउन में जरूरतमंदों का पेट भरने वाली काशी की सामाजिक संस्थाओं से संवाद में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि आत्मनिर्भर भारत के अभियान में काशी प्रेरक स्थल बनेगी। सरकार के फैसलों के बाद यहां साड़ियां, हस्तशिल्प, डेयरी, मत्स्य पालन व मधुमक्खी पालन व्यवसाय के लिए नई संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। काशी भारत के बड़े एक्सपोर्ट हब के रूप में विकसित होगी।
अपने संसदीय क्षेत्र के अन्नसेवियों से बृहस्पतिवार को वीडियो कांफ्रेसिंग के जरिए हुए संवाद में प्रधानमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन में की गई सेवा में त्याग और बलिदान का भाव था। यह सामान्य काम नहीं था, मगर भय, डर और संकट के सामने सेवा के जरिए काशी का नया रूप सामने आया। जब इस बार महामारी आई तो सभी भारत को लेकर डरे हुए थे।